इबोला वायरस को लेकर देशभर में बढ़ी सतर्कता के बीच छत्तीसगढ़ सरकार भी पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। हाल ही में विदेश से लौटे कुछ लोगों को एहतियात के तौर पर क्वारंटाइन किए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उनकी लगातार निगरानी शुरू कर दी थी। इस बीच प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने स्थिति को लेकर स्पष्ट किया है कि अब तक क्वारंटाइन किए गए किसी भी व्यक्ति में इबोला संक्रमण के लक्षण नहीं पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन संभावित खतरे को देखते हुए सभी आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इबोला एक गंभीर और जानलेवा वायरल बीमारी है, इसलिए किसी भी संदिग्ध मामले को हल्के में नहीं लिया जा सकता। इसी कारण विदेशों से आने वाले यात्रियों, विशेषकर प्रभावित देशों से लौटने वालों की विशेष जांच की जा रही है। जिन लोगों को क्वारंटाइन किया गया है, उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है और उनके शरीर के तापमान सहित अन्य लक्षणों पर नजर रखी जा रही है। अब तक की जांच में किसी भी व्यक्ति में बुखार, अत्यधिक कमजोरी, रक्तस्राव या इबोला से जुड़े अन्य प्रमुख लक्षण सामने नहीं आए हैं, जो राहत की बात है।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट जारी किया गया है। अस्पतालों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं और संदिग्ध मरीजों की पहचान एवं उपचार के लिए विशेष व्यवस्था करने को कहा गया है। मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा कर्मियों को संक्रमण नियंत्रण के उपायों और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली के संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसके अलावा एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार इबोला वायरस संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के सीधे संपर्क से फैलता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी, उल्टी, दस्त और गंभीर मामलों में रक्तस्राव शामिल हो सकता है। हालांकि सामान्य परिस्थितियों में यह वायरस आसानी से नहीं फैलता, लेकिन समय पर पहचान और सावधानी बेहद जरूरी होती है। इसी कारण स्वास्थ्य विभाग लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील कर रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने नागरिकों से कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को विदेश यात्रा के बाद असामान्य स्वास्थ्य समस्याएं महसूस हों तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में राज्य में इबोला संक्रमण का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है और सभी क्वारंटाइन किए गए लोग स्वास्थ्य निगरानी में हैं। सरकार की प्राथमिकता संभावित जोखिम को रोकना और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता और लगातार निगरानी के चलते स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है, जिससे प्रदेशवासियों को राहत मिली है।