यूपी में निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 की मौत:अफसर बोले- आंधी-बारिश के चलते हादसा, 3 मजदूरों को बचाया गया

त्वरित खबरे ;हर्ष कुमार गुप्ता

उत्तर प्रदेश में एक बड़ा हादसा उस समय हो गया जब निर्माणाधीन पुल का स्लैब अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में छह मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूर मलबे में दब गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय प्रशासन के साथ राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों के मुताबिक तेज आंधी और बारिश के चलते पुल का हिस्सा कमजोर हो गया था, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। हादसे में तीन मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि अन्य लोगों की तलाश और बचाव कार्य लगातार जारी है। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को घेरकर राहत कार्य तेज कर दिया है और घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा उस समय हुआ जब मजदूर पुल के स्लैब पर काम कर रहे थे। अचानक तेज आवाज के साथ स्लैब नीचे गिर गया और वहां मौजूद मजदूर उसके नीचे दब गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। देखते ही देखते घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की और मलबा हटाने का प्रयास किया। प्रशासन ने जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद तीन मजदूरों को जिंदा बाहर निकाला गया, जबकि छह लोगों के शव मलबे से बरामद किए गए।

अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में मौसम खराब था और तेज आंधी-बारिश का असर निर्माण कार्य पर भी पड़ा था। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि मौसम की वजह से निर्माणाधीन ढांचा कमजोर हो गया, जिससे स्लैब गिर गया। हालांकि प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और तकनीकी टीम को मौके पर भेजा गया है। यह भी जांच की जा रही है कि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। हादसे के बाद निर्माण कंपनी के अधिकारियों से भी पूछताछ की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद मृतकों के परिजनों में भारी आक्रोश और दुख का माहौल है। कई परिवारों का कहना है कि मजदूर अपनी रोजी-रोटी के लिए काम करने गए थे, लेकिन लापरवाही ने उनकी जान ले ली। सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। वहीं घायलों के इलाज का पूरा खर्च प्रशासन द्वारा उठाया जाएगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस हादसे ने एक बार फिर निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रदेश में लगातार हो रहे निर्माण कार्यों के बीच इस तरह की दुर्घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स में गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही भारी पड़ सकती है। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान राहत और बचाव कार्य पर है। घटनास्थल पर एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही हैं ताकि मलबे में फंसे अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और बचाव कार्य में सहयोग करने की अपील की है। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और लोग मृतकों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।