दुर्ग, जिले में गुरुवार को पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते दो अलग-अलग घटनाओं में बड़ा हादसा टल गया। एक ओर पुलगांव थाना क्षेत्र में दो हाईवा वाहनों की आमने-सामने हुई भीषण भिड़ंत में फंसे चालकों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, वहीं दूसरी ओर छावनी चौक पर एक दुकान में लगी आग को समय रहते बुझाकर बड़े नुकसान से बचा लिया गया। दोनों घटनाओं में पुलिस की सूझबूझ और तेजी से कार्रवाई की सराहना की जा रही है।
पहली घटना पुलगांव थाना क्षेत्र की है, जहां देर रात भारती कॉलेज के पास दो हाईवा वाहनों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और चालक केबिन के अंदर बुरी तरह फंस गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलगांव पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी गुरविंदर सिंह संधू के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
घटना स्थल पर भारी वाहनों के क्षतिग्रस्त हिस्सों को हटाने के लिए जेसीबी मशीन मंगाई गई। काफी मशक्कत के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों चालकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायल चालकों की पहचान विजय कुमार यादव (23 वर्ष), निवासी गोटाटोला बांधाबाजार, मोहला मानपुर और वीरेंद्र (34 वर्ष), निवासी झारखंड के रूप में हुई है। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
दूसरी घटना दुर्ग के छावनी चौक क्षेत्र की है, जहां यातायात पुलिस की सजगता से एक बड़ा हादसा होने से बच गया। गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे सहायक उप निरीक्षक सुशील पांडे अपनी टीम के साथ सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों पर कार्रवाई के लिए निकले थे। इसी दौरान उनकी नजर एक दुकान से निकल रहे धुएं पर पड़ी। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया।
पुलिस ने तत्काल दुकान मालिक को फोन कर मौके पर बुलाया और दुकान खुलवाकर स्थानीय लोगों की मदद से पानी डालकर आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से आसपास की दुकानों तक आग फैलने से रोक लिया गया। यदि थोड़ी भी देरी होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था और भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका थी।
घटना की जानकारी मिलते ही बिजली विभाग और अग्निशमन विभाग को भी सूचना दी गई। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। दोनों घटनाओं में पुलिस की सक्रियता और जिम्मेदारीपूर्ण कार्रवाई ने लोगों का भरोसा बढ़ाया है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस टीम की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि समय पर कार्रवाई नहीं होती तो दोनों घटनाएं गंभीर रूप ले सकती थीं।