NEET मामला: सुप्रीम कोर्ट में री-एग्जाम की मांग, NTA पर भरोसा उठने का आरोप; CBI ने 5 गिरफ्तार किए

त्वरित खबरें :अरुण रिपोर्टिंग

देश, की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। याचिकाकर्ताओं ने री-एग्जाम कराने की मांग की है और आरोप लगाया है कि परीक्षा प्रणाली पर अब भरोसा कमजोर हुआ है।

याचिका में कहा गया है कि NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के चलते हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि यदि परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रही, तो पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट से पूरी परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित कराने की मांग की गई है।

इसी बीच जांच एजेंसियों ने भी मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों, पेपर लीक या अन्य गड़बड़ियों में संलिप्त होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। CBI अधिकारियों के अनुसार, जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।

वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि परीक्षा संचालन और निगरानी में गंभीर खामियां रही हैं। हालांकि NTA ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की गई थी और किसी भी प्रकार की अनियमितता के ठोस प्रमाण अभी तक सामने नहीं आए हैं।

सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों की टीम NTA मुख्यालय भी पहुंची है, जहां परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। प्रशासन का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

छात्र संगठनों ने भी इस मामले को लेकर देशभर में चिंता जताई है। कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन और री-एग्जाम की मांग उठ रही है। छात्रों का कहना है कि मेडिकल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

फिलहाल मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और आने वाले दिनों में इस पर अहम सुनवाई होने की संभावना है। कोर्ट के फैसले पर लाखों छात्रों का भविष्य निर्भर करेगा। वहीं जांच एजेंसियां लगातार अपनी कार्रवाई आगे बढ़ा रही हैं ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।