दुर्ग, 13 मई 2026। जिला प्रशासन द्वारा पीएम गति शक्ति पोर्टल के प्रभावी उपयोग और इसके माध्यम से विकास कार्यों की बेहतर मॉनिटरिंग को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को पोर्टल की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और इसके जरिए योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, वनमण्डलाधिकारी श्री दीपेश कपिल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला में उद्योग संचालनालय की मास्टर ट्रेनर श्रीमती मौसमी राहा, उप संचालक कुमुद मिश्रा, सहायक संचालक अनुभूति श्रेया एवं सलाहकार प्रिया ने अधिकारियों को पीएम गति शक्ति पोर्टल की विशेषताओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पीएम गति शक्ति भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसे राष्ट्रीय डिजिटल मास्टर प्लान के रूप में विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
प्रशिक्षकों ने जानकारी दी कि यह पोर्टल उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), भारत सरकार के मार्गदर्शन में भास्कराचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस एप्लीकेशन एंड जिओ इन्फॉर्मेटिक्स (BISAG-N) द्वारा तैयार और विकसित किया गया है। छत्तीसगढ़ में इसके नोडल विभाग के रूप में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग कार्य कर रहा है।
कार्यशाला के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि पीएम गति शक्ति पोर्टल एक स्मार्ट और इंटरेक्टिव डिजिटल मैप की तरह कार्य करता है, जिसमें सड़क, रेलवे लाइन, नदी, जंगल, गांव, अस्पताल, स्कूल, खदान, बिजली लाइन समेत विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण जानकारियां एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहती हैं। इससे प्रशासनिक अधिकारियों को योजनाएं तैयार करने और निर्णय लेने में काफी आसानी होती है।
अधिकारियों को उदाहरण के माध्यम से समझाया गया कि इस पोर्टल की मदद से किसी भी गांव से नजदीकी अस्पताल की दूरी का पता लगाया जा सकता है। इसी प्रकार किसी खदान के आसपास के गांवों की जानकारी, सड़क संपर्क की स्थिति, आदिवासी क्षेत्रों की पहुंच और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विश्लेषण भी आसानी से किया जा सकता है। इससे विकास योजनाओं की सटीक रूपरेखा तैयार करने में मदद मिलेगी।
प्रशिक्षकों ने बताया कि पहले जिन जानकारियों को जुटाने में कई दिनों या हफ्तों का समय लग जाता था, अब वही विश्लेषण कुछ ही घंटों में डिजिटल डेटा के माध्यम से किया जा सकता है। इससे योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। पोर्टल के जरिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय भी मजबूत होगा, जिससे विकास कार्यों में तेजी आएगी।
कार्यशाला में मौजूद अधिकारियों ने भी पोर्टल की उपयोगिता को महत्वपूर्ण बताते हुए इसे प्रशासनिक कार्यों के लिए बेहद लाभकारी बताया। जिला प्रशासन का मानना है कि पीएम गति शक्ति पोर्टल के प्रभावी उपयोग से विकास योजनाओं की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार होगा तथा आम नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।