दुर्ग, में ऑनलाइन IPL सट्टा गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी ऑनलाइन ऐप के जरिए आईपीएल मैचों पर करोड़ों रुपए का सट्टा संचालित कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप, नकदी और सट्टे से जुड़े कई दस्तावेज जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक पुलिस को लंबे समय से ऑनलाइन सट्टेबाजी की शिकायत मिल रही थी। इसके बाद साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी किराए के मकान में बैठकर ऑनलाइन ऐप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को सट्टा खिलवा रहे थे। आरोपी अलग-अलग आईडी बनाकर खिलाड़ियों और मैचों पर दांव लगवा रहे थे। सट्टे का पूरा नेटवर्क मोबाइल एप्लिकेशन और इंटरनेट के जरिए संचालित किया जा रहा था।
पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर देर रात छापा मारकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान मौके से कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और हजारों रुपए नकद बरामद किए गए। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल से करोड़ों रुपए के लेनदेन से जुड़े डिजिटल सबूत भी मिले हैं। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क दूसरे जिलों और राज्यों तक फैला हो सकता है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी आईपीएल मैच शुरू होते ही लोगों को ऑनलाइन जोड़ते थे और हर गेंद, रन और विकेट पर सट्टा लगवाते थे। इसके लिए व्हाट्सएप ग्रुप और विशेष ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा था। आरोपी ग्राहकों से ऑनलाइन पेमेंट लेकर उन्हें आईडी उपलब्ध कराते थे। कई लोग इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे, जिनकी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल डेटा की जांच कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी जल्द गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रही है, इसलिए ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई की जाएगी।
दुर्ग पुलिस की इस कार्रवाई को ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। आईपीएल सीजन के दौरान अवैध सट्टेबाजी पर रोक लगाने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि किसी भी प्रकार की अवैध सट्टेबाजी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे नेटवर्क पर समय रहते कार्रवाई की जा सके