राजनांदगांव की बेटी कु. पूर्णिमा देवांगन ने रचा इतिहास, 95.33% अंकों से नगर में किया टॉप

त्वरित खबरें (अरुण रेपोर्टिंग )

राजनांदगांव , नगर के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि कु. पूर्णिमा देवांगन ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (सीजी बोर्ड) की दसवीं कक्षा की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए नगर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, विद्यालय और समाज का नाम रोशन किया है, बल्कि यह भी सिद्ध किया है कि यदि मेहनत, लगन और अनुशासन के साथ अध्ययन किया जाए तो किसी भी प्रकार की परिस्थितियाँ सफलता के मार्ग में बाधा नहीं बन सकतीं। विशेष रूप से यह उपलब्धि इसलिए और भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि कु. पूर्णिमा एक सामान्य परिवार से संबंध रखती हैं और उन्होंने शासकीय हाई स्कूल बजरंगपुर नवागांव से शिक्षा प्राप्त करते हुए 95.33 प्रतिशत अंक अर्जित किए हैं। यह परिणाम इस बात का सशक्त प्रमाण है कि शासकीय विद्यालय भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में सक्षम हैं और यहाँ पढ़ने वाले विद्यार्थी भी उत्कृष्ट परिणाम हासिल कर सकते हैं।

उनकी इस उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है। कु. पूर्णिमा ने यह साबित कर दिया है कि संसाधनों की सीमितता कभी भी प्रतिभा की उड़ान को रोक नहीं सकती, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर जारी रहे। उनकी इस सफलता ने अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का कार्य किया है, जो यह संदेश देता है कि शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है।

इस अवसर पर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री  विष्णु देवसाय ने भी सुशासन त्यौहार के दौरान नवागांव आगमन पर कु. पूर्णिमा को सम्मानित कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री द्वारा किया गया यह प्रोत्साहन न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला रहा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।

इसी क्रम में नगर देवांगन समाज द्वारा भी कु. पूर्णिमा के निवास स्थान बजरंगपुर नवागांव पहुंचकर उनका भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। समाज के अध्यक्ष  शोभाराम देवांगन (सहसंयोजक बुनकर प्रकोष्ठ) के नेतृत्व में  मीना देवांगन,  मधु देवांगन, तारकेश्वरी देवांगन,डेरहाराम देवांगन,  राजकुमार देवांगन,  दयावान देवांगन एवं इंजीनियर जीआर देवांगन सहित समाज के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने पुष्पमाला पहनाकर उनका अभिनंदन किया तथा मिठाई खिलाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कु. पूर्णिमा देवांगन ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता मंजू देवांगन एवं  रमेश देवांगन के साथ-साथ अपने शिक्षकों और परिवार को दिया है, जिन्होंने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन और सहयोग किया। उन्होंने यह भी कहा कि आगे चलकर वे और अधिक मेहनत कर अपने परिवार, समाज और देश का नाम रोशन करना चाहती हैं।

देवांगन समाज ने इस अवसर पर यह भी संकल्प व्यक्त किया कि वे भविष्य में भी ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों को प्रोत्साहित करते रहेंगे और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे। यह सफलता निश्चित रूप से पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सकारात्मक संदेश भी देती है।