बालोद , जिले में राज्य शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आम जनता की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निराकरण के लिए लगातार जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में 07 मई 2026 को नगर पंचायत पलारी तथा गुरूर विकासखण्ड के अर्जुनी में सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक विशेष जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य शासन और प्रशासन को सीधे आम जनता तक पहुंचाकर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना है। शासन द्वारा आयोजित इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को एक ही स्थान पर अनेक विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
नगर पंचायत पलारी में आयोजित शिविर में सभी 15 वार्डों के नागरिक शामिल होंगे। शिविर के सफल संचालन हेतु मुख्य नगर पालिका अधिकारी गिरीश कुमार साहू को नोडल अधिकारी तथा उप अभियंता श्री कामताप्रसाद नागेन्द्र को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं गुरूर विकासखण्ड के अर्जुनी में आयोजित शिविर में अर्जुनी, सोहपुर, सुर्रा, भानपुरी, बोड़रा, धनेली, रमतरा, पेंवरी, घोघोपुरी, बगदई, छेड़िया, भरदा, तार्री, धोबनपुरी, सोरर, कपरमेटा, धनोरा, टे. बरपारा, बोरतरा और भूलनडबरी सहित अनेक ग्रामों के ग्रामीण शामिल होंगे। अर्जुनी शिविर के सफल आयोजन के लिए उप संचालक कृषि आशीष चन्द्राकर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि जनपद पंचायत गुरूर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमेश रात्रे एवं बीईओ गुरूर ललित चंद्राकर को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विशेष बात यह है कि अर्जुनी और पलारी दोनों स्थानों पर जनसमस्या निवारण शिविर के साथ-साथ राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार राजस्व पखवाड़ा शिविर का भी आयोजन किया जाएगा। इसके माध्यम से राजस्व संबंधी मामलों जैसे नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, जाति, निवास एवं आय प्रमाण पत्र आदि से जुड़ी समस्याओं का भी निराकरण किया जाएगा। अर्जुनी में आयोजित राजस्व पखवाड़ा शिविर के लिए नायब तहसीलदार रमेश कुमार मण्डावी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि पलारी में आयोजित राजस्व शिविर के लिए तहसीलदार हनुमंत श्याम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार दोनों शिविरों के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए शिविर स्थलों पर आम नागरिकों के लिए शीतल पेयजल, कूलर, पंखे तथा छाया की समुचित व्यवस्था की गई है ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त शिविरों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने के लिए विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया गया है। प्रशासन का प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग इन शिविरों में पहुंचकर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त करें और शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं। सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आयोजित ये शिविर शासन की जनहितकारी सोच तथा जवाबदेह प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माने जा रहे हैं।