छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रहा है। विकासखंड मानपुर के अंतर्गत ग्राम साल्हेभट्टी में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर इसका जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया, जहां एनआरएलएम बिहान योजना के तहत स्व सहायता समूह की महिलाओं को बैंक लिंकेज के माध्यम से स्वरोजगार हेतु ऋण स्वीकृत कर लाभान्वित किया गया।
इस शिविर में ग्राम जामड़ी की पदम वैष्णव देवी स्व सहायता समूह की 11 महिलाओं को सामूहिक मक्का खेती के लिए 6 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। समूह की सभी महिलाएं मध्यमवर्गीय किसान परिवारों से जुड़ी हैं और लंबे समय से खेती-किसानी में संलग्न रही हैं। अब इस आर्थिक सहयोग से वे संगठित होकर आधुनिक तरीके से सामूहिक मक्का उत्पादन करेंगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और वे आर्थिक रूप से अधिक मजबूत बन सकेंगी।
इसी प्रकार ग्राम औंधी की संत मरियम स्व सहायता समूह की 10 महिलाओं को भी 6 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। यह महिलाएं होटल व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रही हैं। वर्तमान में ये महिलाएं स्कूलों में मध्यान्ह भोजन कार्य से जुड़ी हुई हैं, लेकिन अब इस ऋण सहायता से वे अपना स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर आय के नए स्रोत विकसित करेंगी। दोनों समूहों की महिलाओं के चेहरे पर आत्मविश्वास और उत्साह साफ झलक रहा था। उन्होंने शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार उनके जीवन में एक नई उम्मीद लेकर आया है।
समूह की महिलाओं ने कहा कि पहले हमें अपने कार्य को आगे बढ़ाने के लिए संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब शासन की इस पहल से हमें आर्थिक सहयोग मिला है। इससे हम अपना खुद का रोजगार शुरू कर पाएंगी और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकेंगी। सुशासन तिहार हमारे लिए आत्मनिर्भर बनने का एक सुनहरा अवसर लेकर आया है। सुशासन तिहार केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के हर वर्ग—विशेषकर महिलाओं—को सशक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। इस पहल ने न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित किए हैं, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास और स्वाभिमान को भी नई ऊंचाई दी है।