बंधन बैंक सुपेला में खाता खोलकर उनका उपयोग साइबर ठगी में किए जाने वाले खाता धारको के विरुद्ध की गई कार्यवाही...

त्वरित ख़बरें - सत्यभामा दुर्गा रिपोर्टिंग

दुर्ग : पुलिस (थाना सुपेला एवं एसीसीयू यूनिट) की संयुक्त कार्यवाही,27 आरोपियों द्वारा बंधन बैंक में म्यूल अकाउंट खोला जाकर उनके साइबर फ्राड से प्राप्त एक करोड़ बीस लाख से अधिक रकम का किया गया अवैध लेन देन प्रकरण में अबतक  08 आरोपियों को किया गया है गिरफ्तार भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा संचालित “समन्वय ” पोर्टल से प्राप्त जानकारी का अनुसार म्युल एकाउंट जिनका इस्तेमाल सायबर धोखाधड़ी से प्राप्त राशि का व्ययन करने , उपयोग करने व संवर्धन करने के लिये उपयोग मे लाया गया है जिसमे बंधन बैंक शाखा नेहरू नगर मे कुल 27 बैंक खाता मे खाता धारक द्वारा सायबर धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि 1करोड़ 20लाख 57हजार 549 रुपयो का अवैध रूप से लेन देन होना पाये जाने एवं प्रकरण साइबर फ्रॉड से संबंधित होना पाये जाने से थाना सुपेला में अपराध्‍ क्रमांक 1322/2025 धारा 317(2), 318(4), 3(5) BNS  कायम कर विवेचना में लिया गया |विवेचना के दौरान संबंधित खाता धारकों द्वारा खातो का उपयोग साइबर फ्रॉड से प्राप्त रकम के अफरा तफरी में किया जाना पाए जाने से आरोपीगण (1) रनजीत महानंद पिता जेहेल महानंद उम्र 24 साल निवासी रावणभांठा सुपेला जिला दुर्ग.  (2) श्रीमति परमीला बाई पति कमल नारायण जंघेल उम्र 48 साल निवासी शिवाजी नगर खुर्सीपार थाना खुर्सीपार जिला दुर्ग, (3) के० आकाश राव पिता के० डिलेश्वर राव उम्र 20 साल निवासी सेक्टर 02 सडक नं0 15 बी. ब्लाक 14 कमरा नं० 10 मिलाई थाना भिलाई भटठी जिला दुर्ग (4) विपिन कुमार सिरसाम पिता शंकर लाल सिरसाम उम्र 35 साल निवासी रिसाली सेक्टर 31/01 जी भिलाई, थाना नेवई जिला दुर्ग (5) श्रीमति मानवी बेरी पति स्व० किशन बेरी उम्र 49 साल निवासी सेक्टर 04 सडक नं0 05 मकान नं0 22 ई भिलाई, थाना भिलाई भटठी जिला दुर्ग,(6) आशीष गुप्ता पिता स्व० राम लाल गुप्ता उम्र 42 साल निवासी दीनदयाल कालोनी मकान आई 604 खम्हरिया थाना सुपेला जिला दुर्ग (7) पिंकी कुर्रे पिता गोंविन्द दास कुर्रे उम्र 36 साल निवासी एल०आई०जी0883/884 आदित्य नगर दुर्ग थाना मोहन नगर जिला दुर्ग, कुल  आठ आरोपियों को विधीवत गिरफ्तार किया गया है , अन्य खाता धारकों की पता तलाश  की जा रही है ।आम नागरिकों से अपील है कि किसी भी व्यक्ति को अपना खाता ना दें , और ना ही थोड़े से रकम के लालच में अपने खाते में साइबर फ्रॉड से संबंधित रकम का लेन देन करें|