बिहान से मिली राह, मेहनत से बनी लखपति दीदी-पुष्पा कुंजाम बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल...

त्वरित ख़बरें - सत्यभामा दुर्गा रिपोर्टिंग

 मोहला । छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के माध्यम से विकासखंड मोहला के ग्राम चिलमटोला की श्रीमती पुष्पा कुंजाम ने एक साधारण गृहिणी से सफल उद्यमी बनने की प्रेरणादायक यात्रा तय की है। 35 वर्षीय पुष्पा कुंजाम की शिक्षा दसवीं तक हुई है, और वे पहले कृषि व दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर थीं। वर्ष 2017 में बिहान मिशन से जुडऩे के बाद उन्होंने जय माँ दुर्गा स्वयं सहायता समूह की सदस्यता ली। समूह से जुड़ने के पश्चात उन्हें विभिन्न आजीविका गतिविधियों की जानकारी प्राप्त हुई और पशु सखी दीदी के माध्यम से पशुपालन एवं मुर्गी पालन का प्रशिक्षण मिला। इस प्रशिक्षण ने उनके अंदर स्वरोजगार की प्रेरणा जागृत की। उन्होंने बिहान समूह से 40,000 हजार रूपये का ऋण और 20,000 हजार रूपये अपनी पूंजी जोड़कर मुर्गी पालन का व्यवसाय प्रारंभ किया। उन्होंने न केवल मुर्गियां खरीदीं, बल्कि स्वयं टीकाकरण और देखभाल का कार्य भी करना शुरू किया। उनकी मेहनत रंग लाई और आज वे अपने गाँव से 20 किलोमीटर के दायरे में मुर्गियों का व्यवसाय कर रही हैं, जिससे उन्हें प्रतिमाह 8,000 से 10,000 तक का शुद्ध लाभ हो रहा है। पुष्पा दीदी का यह प्रयास उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बना है। वे आज अपने अनुभवों से गाँव की महिलाओं को जागरूक कर रही हैं और उन्हें भी समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। भविष्य में वे मुर्गियों की संख्या बढ़ाकर 100 से 150 तक करना चाहती हैं तथा अपने व्यवसाय का दायरा भी और अधिक विस्तारित करने की योजना बना रही हैं। उनके व्यवसाय का उद्देश्य केवल लाभ कमाना नहीं, बल्कि गाँव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार के लिए प्रेरित करना है। पुष्पा दीदी की सफलता यह दर्शाती है कि यदि महिलाएं आत्मविश्वास के साथ अवसरों को अपनाएं और उन्हें सही मार्गदर्शन मिले, तो वे न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं बल्कि समाज में बदलाव की वाहक भी बन सकती हैं। बिहान मिशन का यही उद्देश्य है ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें लखपति दीदी के रूप में स्थापित करना, जिसे पुष्पा कुंजाम ने साकार कर दिखाया है।