युक्तियुक्तकरण शिक्षकों के हाथ काटने का निंदनीय सरकारी प्रयास,, संतोष पिल्ले...

त्वरित ख़बरें - सत्यभामा दुर्गा रिपोर्टिंग

राजनांदगांव | नगर निगम नेता प्रति पक्ष संतोष पिल्ले ने भाजपा सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में चलाए जा रहे युक्तियुक्तकरण को भविष्य निर्माता शिक्षको के हाथ काटने वाला निंदनीय प्रयास बताया  और कहा कि इस शिक्षा विरोधी कदम से प्रदेश के 45 हजार शिक्षकों के पेट में लात पड़  जाएगा। कम दर्ज संख्या के नाम पर स्कूले बंद हो जाएगी। इससे स्कूल में काम करने वाले मृत्यु से लेकर बच्चों को मध्याह्न भोजन खिलाने वाले रसोईए कहीं के नहीं रहेंगे।पिल्ले ने बताया कि भाजपा की यह सरकार यह काम पहले बार नहीं कर रही पूर्व में सीएम डॉ रमनसिंह के समय भी यही हुआ है। पिल्ले ने भाजपाइयों से यह पूछा कि आखिर शिक्षकों के साथ ऐसा अन्याय क्यों,,? उस समय भी साढ़े तीन हजार स्कूलें व 12 हजार  शिक्षकों के शिक्षकों पद को समाप्त कर दिया गया था।अब पुनः उसी ढर्रे पर विष्णु देव साय की सरकार चलते हुए शिक्षकों ,रसोइए, स्व- सहायता समूह की बहनें,चपरासी, चौकीदार आदि के पेट में लात मारने तुली हुई है।शिक्षको के पेट में लात न मारें सरकार पिल्ले ने कहा कि कांग्रेस पार्टी शिक्षकों पर हो रहे अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगी और इसके विरोध के लिए जमीन पर उतर कर प्रभावित शिक्षकों को लामबंद करते हुए सरकार के ईंट से ईंट बजाने  का काम करेगी।पिल्ले ने कहा कि फिजुल खर्ची में डूबी भाजपा की साय सरकार बजाय लोगों को रोजगार देने के युक्तियुक्तकरण के द्वारा  शिक्षकों की भर्ती न करनी पड़े इसलिए यह चाल चल रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 58 हजार से अधिक पद रिक्त हैं उसकी पूर्ति करने के बजाय युक्तियुक्त से और भी उन्हें हटाने पर तुली हुई है ,,,शिक्षको की नौकरी खाने के लिए तुली हुई है। पिल्ले ने कहा कि जब आप किसी को नौकरी नहीं दे सकते तो नौकरी से हटाने का भी अधिकार नहीं है। किसी के पेट पर लात मारकर अपना स्वार्थ सिद्ध करने वालों को जनता कभी नहीं माफ करती। इसे भाजपाइयों को समझ लेना चाहिए।