प्रेस क्लब हाउसिंग सोसायटी के अवैध प्लाटिंग के नामांतरण न किए जाने की आपत्ति नगर पालिका निगम की कार्यवाही का इंतजार...

त्वरित ख़बरें - सत्यभामा दुर्गा रिपोर्टिंग

राजनांदगांव : प्रेस क्लब गृह निर्माण सहकारी समिति के सदस्यों सचिन अग्रहरि आ. मोहन अग्रहरि एवं अभिषेक यादव आ. रतन यादव ने नगर पालिका निगम में अपने आबंटित भूखंडों पर स्वयं के नामों पर नाम परिवर्तन करने आवेदन दिया है। इसे आपत्तिजनक मानते हुए समाचार संकेत के सम्पादक किशोर गुप्ता ने दिनांक 16 मई 2025 का नगर पालिक निगम में विधिवत आपत्ति प्रस्तुत की है। उल्लेखनीय है कि उक्त नाम परिवर्तन के प्रकरण क्रमांक क्रमश: 194 व 195 है।अपने आपत्ति-पत्र में किशोर गुप्ता ने उल्लेख किया है कि छ.ग. सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने उक्त गृह निर्माण समिति को 10 एकड़ भूमि रियायत दर में केवल 10 प्रतिशत प्रव्याजि पर ग्राम पनेका (कौरिनभाठा) में पत्रकार सदस्यों हेतु आवास निर्माण बाबत निर्धारित औपचारिक विशेष शर्तो पर आबंटित की थी। यह विशाल भूमि रानी सूर्यमुखी देवी राजगामी सम्पदा ट्रस्ट की है। राजगामी सम्पदा ट्रस्ट ने भी समिति को सामान्य एवं विशेष शर्तो का उल्लेख करते हुए भूमि के अतिरिक्त पट्टे आबंटित किए थे। विशेष शर्तो में उल्लेखित था कि भूमि के किसी भी उपयोग या उस पर किसी सभी ग्राम निवेश से अनापत्ति-पत्र प्राप्त करके विभागीय नियमों का पालन अनिवार्य होगा।किन्तु बकौल किशोर गुप्ता ने आपत्ति दर्ज करते हुए कहा है कि प्रेस क्लब हाउसिंग सोसायटी ने सभी शर्तो का उल्लघंन करते हुए नियमों, अधिनियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अपने सदस्यों को प्लाट्स आबंटित कर बकायदा रजिस्ट्री भी कर दी है। जबकि, शासन द्वारा आबंटित 10 एकड़ भूमि का नगर तथा ग्राम निवेश के अनुमोदन ही नहीं किया है। फलस्वरूप नगर पालिक निगम में अनुमोदित ले-आउट प्रेषित करने का प्रश्न ही नहीं उठता। जिसके कारण नगर पालिक निगम के द्वारा कालोनाइजर लाइसेंस भी गृह निर्माण समिति को प्रदान नहीं किया गया है।इससे स्पष्ट होता है कि और इसकी पुष्टि भी होती है कि मौका स्थल पर अवैध प्लाटिंग कर सदस्यों को प्लाट आबंटित किए गए हैं। समिति के निजी ले-आउट में स्लम एरिया थाने कमजोर तबके के वर्ग हेतु भूमि का आरक्षण ही नहीं है। शासन से डायसर्वन (अपवर्तन) की भी अनिवार्य विधि का पालन नहीं हुआ है। शुल्क के भुगतान का तो फिर सवाल ही नही उठता। कुल मिलाकर यह कि प्रेस गृह निर्माण सहकारी समिति उक्त 10 एकड़ भूमि लीज पर प्रदान हुई है। समिति इससे आबंटित जमीन की पूर्ण स्वामी नहीं है राजगामी सम्पदा ने लीज पर दी गई भूमि का विक्रयनामा समिति को सम्पादन नहीं किया है। इसके बावजूद समिति के अध्यक्ष के द्वारा अपने सदस्यों को भूमि आबंटित कर विक्रयनामों की रजिस्ट्री की है। जो सरासर नियमों के प्रतिकूल व अव्यवहारिक है। किशोर गुप्ता ने अपने आपत्ति-पत्र में संबंधित सभी विभागों के दस्तावेज भी संलग्न किए हैं। आपत्ति-पत्र की प्रतिलिपियां उचित कार्यवाही हेतु संबंधित सभी सम्बद्ध विभागों मेें प्रेषित की है।