बच्चों और किशोर-किशोरियों को पिलाया जाएगा स्वर्ण प्राशन ड्रॉप -आयुर्वेद चिकित्सा एवं बोन मिनरल डेंसिटी जांच शिविर में होगी सेहत की बात

त्वरित ख़बरें - इस संबंध में छत्तीसगढ़ आयुर्वेद कालेज राजनांदगांव की प्राचार्य डा. वर्षा पी. वंजारी ने बताया, “शिविर में वरिष्ठ एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा लाभार्थियों को निशुल्क चिकित्सा परामर्श दिया जाएगा। अत्याधुनिक मशीन (बीएमडी) द्वारा हड्डियों की जांच की जाएगी।

बच्चों और किशोर-किशोरियों को पिलाया जाएगा स्वर्ण प्राशन ड्रॉप -आयुर्वेद चिकित्सा एवं बोन मिनरल डेंसिटी जांच शिविर में होगी सेहत की बात

राजनांदगांव, 27 अक्टूबर 2021.

आयुर्वेद अमृत है, इसे अपनाइए और स्वस्थ जीवन पाइए। इस आशय पर जोर देते हुए शहर के मनकी स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल एवं श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के संयुक्त तत्वावधान में तेरापंथ भवन में आयुर्वेद चिकित्सा एवं बोन मिनरल डेंसिटी जांच शिविर लगाया जाएगा। शिविर में आने वाले लाभार्थियों को वरिष्ठ एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निशुल्क चिकित्सा परामर्श दिया जाएगा। साथ ही विभिन्न रोगों से पीड़ित लाभार्थियों की राहत के लिए विभिन्न प्रयास किए जाएंगे।

शहर के रामाधीन मार्ग स्थित तेरापंथ भवन में 29 अक्टूबर को विशाल आयुर्वेद चिकित्सा एवं बोन मिनरल डेंसिटी जांच शिविर सुबह 10 से शाम 4 बजे तक आयोजित किया जाएगा।कार्यक्रम अवसर पर निशुल्क स्वर्ण प्राशन संस्कार भी किया जाएगा जिसमें जन्म से लेकर 16 वर्ष तक के बच्चों और किशोर-किशोरियों को स्वर्ण प्राशन ड्रॉप पिलाया जाएगा। आयुर्वेद चिकित्सा एवं बोन मिनरल डेंसिटी जांच शिविर में शुगर तथा महिलाओं से संबंधित बीमारियों की जांच की जाएगी। साथ ही बवासीर, पेट के रोग, कान-नाक-गला रोग, त्वचा रोग, जोड़ों की समस्या, अनिद्रा, तनाव व अन्य बीमारियों के उपचार के लिए भी उचित परामर्श दिया जाएगा। निशुल्क योग एवं आहार-विहार परामर्श भी दिया जाएगा।

इस संबंध में छत्तीसगढ़ आयुर्वेद कालेज राजनांदगांव की प्राचार्य डा. वर्षा पी. वंजारी ने बताया, “शिविर में वरिष्ठ एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा लाभार्थियों को निशुल्क चिकित्सा परामर्श दिया जाएगा। अत्याधुनिक मशीन (बीएमडी) द्वारा हड्डियों की जांच की जाएगी। बीएमडी मशीन द्वारा हड्डियों की जांच करने पर शरीर में कैल्शियम की स्थिति एवं अर्थराइटिस जैसी बीमारियों का निदान होता है। इसके अलावा जन्म से लेकर 16 वर्ष तक के बच्चों और किशोर-किशोरियों का निशुल्क स्वर्ण प्राशन संस्कार भी किया जाएगा”। डा. वंजारी ने बताया “स्वर्ण प्राशन ड्रॉप बच्चों और किशोर-किशोरियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करने में काफी सहायक होता है एवं अन्य बीमारियों से उनकी रक्षा करता है। आयुर्वेद अमृत है, इसे अपनाकर स्वस्थ जीवन पाया जा सकता है”।

वरदान से कम नहीं है आयुर्वेदः वंजारी

छत्तीसगढ़ आयुर्वेद कालेज राजनांदगांव की प्राचार्य डा. वर्षा पी. वंजारी ने बताया, “स्वस्थ जीवन के लिए आयुर्वेद वास्तव में वरदान से कम नहीं है, संभवतः तभी इसे स्वीकारते हुए कोरोना संक्रमण काल में भी लोगों की एक बड़ी आबादी ने आयुर्वेदिक चिकित्सा पर भरोसा दिखाया है।आयुर्वेद के प्रति ग्रामीणों का भी रुझान तेजी से बढ़ रहा है। आयुर्वेद के प्रति बढ़ते रुझान के अनुरुप अंदाजा लगाया जा रहा है कि लोग अब फिर से अपनी जड़ों की ओर लौट रहे हैं”।