मुंबई. भारतीय मनोरंजन की दुनिया में हॉरर फिल्मों का एक अलग स्थान रहा है. समय-समय पर यहां कई हॉरर फिल्में आई हैं, जिन्होंने दर्शकों को डराने का काम किया है. हॉरर फिल्मों की बात होने पर रामसे ब्रदर्स का नाम जरूर आता है क्योंकि इनके प्रोडक्शन में कई हॉरर फिल्में बनी हैं. इनकी फिल्मों का एक फेमस शैतान था, जिसने ‘सामरी’ बनकर दर्शकों को खूब डराया. हम बात कर रहे हैं अनिरुद्ध अग्रवाल (Anirudh Agarwal) की जो बनने तो हीरो आए थे लेकिन बन गए ‘ड्रेकुला’. आइए, बताते हैं क्यों…
अनिरुद्ध अग्रवाल का जन्म 20 दिसम्बर 1949 में देहरादून में जन्म हुआ. उनके पिता का ग्रॉसरी बिजनेस था और मां हाउसवाइफ थीं. उनके 4 भाई और 5 बहनें थीं. अनिरुद्ध ने अपनी स्कूलिंग देहरादून से ही की. वे जितेंद्र के बहुत बड़े फैन थे. ऐसे में 1 दफा जब देहरादून में जिंतेद्र फिल्म की शूटिंग के लिए आए तो अनिरुद्ध भी वहां पहुंच गए. वहां जितेंद्र को देखने के लिए काफी लोग आए थे. ऐसे में उन्होंने भी फैसला कर लिया कि वे भी एक्टर ही बनेंगे. लेकिन परिवार के प्रेशर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए रूड़की में एडमिशन लिया. वहां उनका मन नहीं लगा और वे बिना किसी को बताए पुणे फिल्म कोर्स करने चले गए.
1 बीमारी बन गई परेशानी
अनिरुद्ध की इस बात से पापा नाराज हो गए और उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए कहा. इस पर अनिरुद्ध ने इंजीनियरिंग की और मुंबई में सिविल इंजीनियर के तौर पर जॉब करना शुरू कर दिया लेकिन उनकी किस्मत में एक्टिंग लिखी थी. उन्होंने कई प्रोडक्शन हाउस के चक्कर काटे और उन्हें कई फिल्मों में छोटे रोल भी मिलने लगे. इस बीच अनिरुद्ध ने महसूस किया कि उनके हाथ पैर की अंगुलियां बढ़ रही हैं और उनकी आवाज भी बदल रही है. इस पर डॉक्टर ने बताया कि पिट्यूटरी ग्लैंड में ट्यूमर है और इस कारण हार्मोनल बदलाव आ रहा है. इस पर 6 फुट 5 इंच वाले अनिरुद्ध का एक्टर बनने का सपना टूट गया.