जिले के अमलेश्वर थाना के बहुचर्चित खुड़मुड़ा हत्याकांड में शनिवार को कोर्ट ने हत्यारों पर आरोप तय कर दिए हैं। जिला न्यायाधीश राजेश श्रीवास्तव की कोर्ट ने ट्रायल की तारीख भी सुनिश्चित कर दी है। 18 जनवरी से सूची में शामिल गवाहों की सुनवाई शुरू होगी। सबसे पहले 18 जनवरी को प्रकरण में क्षमादान की याचिका लगाने वाले आरोपी की सुनवाई होगी।
इसके बाद एफआईआर कराने वाले युवक और प्रत्यक्षदर्शी के बयान होंगे। इसके बाद 21, 22 और 24 जनवरी को तीन-तीन लोगों की गवाही होगी। जरूरत पड़ने पर कोर्ट 5 विशेषज्ञों को भी गवाही के लिए बुलाएगी। दस दिनों में प्रकरण से जुड़े सभी 28 लोगों की गवाही पूरी कर ली जाएगी। प्रत्यक्षदर्शी के कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान हो चुके हैं। लोक अभियोजक बाल मुकुंद चंद्राकर ने बताया कि खुड़मुड़ा हत्याकांड की सुनवाई न्यायाधीश राजेश श्रीवास्तव के कोर्ट में सुनवाई चल रही है। आरोपी गंगाराम, योगेश, रोहित मौसा और नरेश ने मिलकर बालाराम, बेटे रोहित, पत्नी दुलारी बाई और बहू कीर्तिन की 21 दिसंबर 2020 को हत्या कर दी थी। आरोपियों की ओर से राजकुमार तिवारी, आशीष सूर्यवंशी, शकील अहमद सिद्दीकी पैरवी करेंगे।
बहू और बेटे ने की थी हत्या की पूरी प्लानिंग
बालाराम के बेटे गंगाराम ने पत्नी निर्मला के साथ मिलकर हत्या की प्लानिंग की थी। योजना बद्ध तरीके से गंगाराम ने बाकी आरोपियों को पैसा देने का लालच देकर हत्याकांड मेंं शामिल कर लिया था। पीएम रिपोर्ट से खुलासा हुआ था कि बालाराम के सिर पर हमला और गला दबाने से मौत हो गई थी। इसके बाद उसके शव को पानी की टंकी में फेंक दिया गया था। उसकी पत्नी दुलारी के सिर और गले पर गंभीर चोट पहुंचाई गई थी। इससे उसने दम तोड़ दिया था। रोहित और उसकी पत्नी की हत्या कर दी।