96 गांवों व 2 थाने-चौकी के साथ अस्तित्व में आएगी नई तहसील, 103808 होगी आबादी

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डौंडीलोहारा ब्लॉक के 3 राजस्व मंडल के अंतर्गत 96 गांवों के साथ नई देवरी तहसील अस्तित्व में आएगी। नई तहसील बनाने को लेकर शासन के निर्देश के बाद तहसील व जिला स्तर पर खाका तैयार कर लिया गया है। जिसके अनुसार जिले की 7वीं तहसील देवरी को अस्तित्व में लाने के लिए डौंडीलोहारा तहसील का विभाजन किया जाएगा।

जिसकी पुष्टि संसदीय सचिव व गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद व राजस्व विभाग ने की है। नायब तहसीलदार राजश्री पांडेय ने बताया कि स्थानीय स्तर पर विभागीय प्रोसेस होने के बाद जरूरी फाइल व जानकारियां तहसील कार्यालय से कलेक्टोरेट भेज दी गई है। जहां से यह शासन को भेजी जाएगी। नई तहसील बनने से 96 गांवों के लोगों को राजस्व संबंधित कामकाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। नई तहसील में एक भी नगरीय निकाय क्षेत्र नहीं आएगा। बहरहाल 6 तहसील वाले बालोद जिले में तहसीलों की संख्या 7 हो जाएगी। 96 गांवों को कुल 3 राजस्व निरीक्षक मंडल अंतर्गत शामिल किया जाएगा। जिले में वर्तमान में 3 विधानसभा अंतर्गत बालोद, गुरूर, डौंडी, गुंडरदेही, डौंडी लोहारा व अर्जुन्दा कुल 6 तहसील है। शासन स्तर से अर्जुन्दा व देवरी बंगला को नई तहसील का दर्जा देने सर्वे करने के निर्देश स्थानीय अफसरों को दिए थे। सीएम भूपेश बघेल ने अर्जुन्दा में आकर अर्जुन्दा को नई तहसील का दर्जा दिलाने घोषणा की थी।

तहसील बनने के बाद यह मुख्य फायदे होंगे
जमीनों के रिकॉर्ड: जमीन के रिकॉर्ड के लिए दूर तक चक्कर, दौड़ लगानी नहीं पड़ेगी। देवरी में उपतहसील कार्यालय है, लेकिन राजस्व संबंधित कई काम के लिए अभी लोगों को डौंडीलोहारा जाना पड़ता है।
जमीन की रजिस्ट्री: गांवों में रहने वाले लोगों को जमीन की रजिस्ट्री से संबंधित अन्य छोटे-बड़े कार्यों के लिए दूर जाना नहीं पड़ेगा। नए तहसील में इसकी सुविधा मिलेगी।
शिकायत व निराकरण: तहसीलदार देवरी में बैठकर लोगों की शिकायत सुनेंगे व निराकरण करेंगे। जो काम अभी डौंडीलोहारा से हो रहा है, वह देवरी मुख्यालय में होने से लोगों को लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इससे समय व पैसे की बचत होगी।
अनुमति और कार्रवाई: छोटे-छोटे शासकीय आयोजन या अन्य किसी कार्य के लिए अनुमति पास के नई तहसील कार्यालय से मिल जाएगी।

जानिए, 3 राजस्व निरीक्षक मंडल अंतर्गत 96 गांव
देवरी राजस्व निरीक्षक मंडल- इसके अंतर्गत कुल 34 ग्राम आएंगे। जिसमें देवरी, महाराजपुर, पिनकापार, फुलसुंदरी, खामभाट, खामतराई, गणेश खपरी, कुआगांव, सम्बलपुर, कन्याडबरी, कोलियारा, गिधवा, मुड़खुसरा, सिर्राभाटा, मुजगहन, बोईरडीह, चेंदरीबन नवागांव, बोईरडीह, रानीतराई, समेत अन्य शामिल है।
अछोली राजस्व निरीक्षक मंडल- कुल 31 ग्राम आएंगे। जिसमें मुड़खुसरा, भीमकन्हार, गारका, कोसमी, आलीखुटा, परसाडीह, रीवागहन, अछोली, परसुली, पसौद, खेरथा, आतरगांव, आसरा, संजारी, बर्रापारा, गंजईडीह समेत अन्य शामिल है।
सुरेगांव राजस्व निरीक्षक मंडल- कुल 31 ग्राम आएंगे। जिसमें बुंदेली, पापरा, बोरी, कसहीकला, अहिबरन नवागांव, फरदडीह, डेंगरापार, घीना, गड़ईनडीह, मुड़िया, हथौद, भेड़ी, शिकारीटोला, हड़गहन, भुरकाभाट समेत अन्य गांव शामिल हैं।

राजपत्र में प्रकाशन होते ही एक साल के अंदर अस्तित्व में आएगी नई तहसील
संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद ने बताया कि तैयारियां अंतिम चरण में है, जो राजपत्र में प्रकाशन होने के बाद कंपलीट हो जाएगी। एक साल के अंदर नई तहसील अस्तित्व में आ जाएगी। ऐसा अनुमान है। इसके लिए मुख्यमंत्री से भी चर्चा करूंगा। लंबे समय से क्षेत्रवासी मांग कर रहे है। शासन ने इस संबंध में जिला प्रशासन को प्रस्ताव बनाने निर्देश दिए थे।

डौंडीलोहारा से देवरी की दूरी 14 किमी
वर्तमान में डौंडी लोहारा का निकटतम तहसील बालोद है। जिसकी दूरी लोहारा से 18 किमी है। जब देवरी तहसील अस्तित्व में आएगा तो निकटतम तहसील डौंडी लोहारा होगी। जिसकी दूरी देवरी से 14 किलोमीटर है।

नई तहसील के चारों दिशा में यह ब्लाॅक व जिला
उत्तर में राजनांदगांव, दक्षिण में डौंडीलोहारा, पूर्व में अर्जुन्दा और पश्चिम में डोंगरगांव क्षेत्र।
जनसंख्या: 2011 की जनगणना के अनुसार नई तहसील में कुल 1 लाख 3 हजार 808 लोग निवासरत हैं। जिसमें सभी ग्रामीण क्षेत्र के है। नई जनगणना में जनसंख्या बढ़ते क्रम पर रहेगी।