जलाशय में रुक नहीं रहा बारिश का पानी:देखरेख के अभाव में खस्ताहाल हुआ आवर्धा जलाशय

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ग्राम पटेवा में 37 साल पहले अकाल न पड़े इस उद्देश्य से ग्राम खजरी में आवर्धा जलाशय का निर्माण 50े एकड़ क्षेत्रफल में किया गया है। इस जलाशय के पानी से खजरी सहित पटेवा के सैकड़ों एकड़ जमीन में सिंचाई की जाती थी। किन्तु आज उक्त आवर्धा जलाशय देखरेख के अभाव में बदहाल स्थिति में है। करोड़ों रुपए की लागत से बना यह जलाशय खस्ताहाल में पहुंच चुका है।

बारिश का पानी रिसाव के चलते जलाशय में रुक नहीं रहा है। वहीं जलाशय का गेट भी अत्यंत जर्जर स्थिति में है। यह जलाशय झाड़ियों-पौधों ने घिर चुका है। जिससे लोग गेट तक पहुंच नहीं पा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस जलाशय का जिम्मेदार अधिकारी कौन है उसका अभी तक किसी को कुछ पता नहीं है। कभी कोई अधिकारी आता ही नहीं है।

वहीं नालियों की साफ सफाई भी कई वर्षों से नहीं हुआ है। यदि उक्त जलाशय का देखरेख ठीक ढंग से नहीं किया गया तो करोड़ों की लागत से बना जलाशय का अस्तित्व ही संकट में पड़ सकता है। वहीं ग्राम पंचायत पटेवा के सरपंच मिथलेश साहू ने उक्त बांध की स्थिति को देखकर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि उक्त बांध देखरेख के लिए एक अधिकारी का होना आवश्यक है।