भिलाई स्थित मैत्री बाग के 6 साल के सफेद बाघ श्याम की सोमवार देर शाम मौत हो गई। यहां एक साथ जन्मे सफेद बाघ राम और श्याम की जोड़ी काफी चर्चित थी। वन विभाग के चिकित्सक और अधिकारियों की देखरेख में श्याम का पोस्टमार्टम हुआ और उसके बाद उसका अंतिम संस्कार किया गया। राम और श्याम दोनों का जन्म सितंबर 2015 में हुआ था। वन विभाग के डॉ. एनके जैन के मुताबिक उसे बोन कैंसर हो गया था। उसी की वजह से उसकी मौत हुई है।
जू प्रबंधन ने बताया कि दोनों ही शावक गंगा और सतपुड़ा की संतान हैं। जन्म के कुछ दिन बाद 20 सितंबर को मां ने इनके ऊपर हमला कर दिया था। इसमें दोनों ही शावक बुरी तरह घायल हो गए थे। दोनों के सामने वाले एक-एक पैर बुरी तरह चोटिल हुए थे। बाद में इलाज के दौरान श्याम का एक पैर काटना पड़ा था। इसके बाद इन दोनों शावकों को जू प्रबंधन ने अपनी देखरेख में रखा। जैसे-जैसे यह शावक बढ़ते गए इनका वजन और आकार तो ठीक बढ़ा, लेकिन श्याम का पैर फूलता गया और उसका घाव भी बढ़ता गया।
एक ही पिंजरे में रहे दोनों शावक
हमले के बाद जू प्रबंधन ने दोनों को अलग देखरेख में रखा। इसके बाद जब उनकी सही ग्रोथ होने लगी तो दोनों अलग केज में शिफ्ट किया गया। 3 अक्टूबर 2016 के बाद से दोनों एक केज पिंजरा नंबर 6 में रहे। इन्हें पर्यटकों की नजर से दूर रखा गया। दोनों शेर एक साथ खेलते कूदते बड़े हुए। श्याम की मौत के बाद से राम काफी उदास है।
2 से बढ़कर 22 हुआ था शेरों का कुनबा
मैत्रीबाग जू को 1972 में शुरू किया गया था। यह जू सोवियत रूस और भारत की मैत्री का प्रतीक माना जाता है। यहां सबसे पहले 2 सफेद टाइगर थे। उनका नाम ताप्ती व तरुण था। इन्हें 1997 ओडिशा के नंदन कानन जू भुवनेश्वर से लाया गया था। बेहतर ब्रीडिंग के चलते इन दो शेरों से इनका कुनबा बढ़कर 22 हो गया था।