राजनांदगांव। ग्राम मोखला में कबीर पारख मंच के तत्वावधान में दो दिवसीय विशाल कबीर सतसंग प्रारंभ हुआ प्रथम दिन प्रवचन में राष्ट्रीय संत प्रभाकर साहेब ने कहा कि सत्संग व्यक्ति की दिशा और दशा दोनों को बदल देता है, सत्संग में वह ताकत है कि वहां शैतान भी इंसान और इंसान भगवान बन जाता है! सत्संग के बल से बाल्मीकि, अंगुली माल जैसे पतित पूजनीय बन गये!
उन्होंने कहा कि मानव जीवन कुदरत का सबसे बड़ा उपहार है किन्तु इसको जीने की कला न जानने पर यह नारकीय बन जाता है, जिसे गुरु संतो चाहिए!
प्रभाकर साहेब ने कहा कि मनुष्य की विशेषता उसके गुणों से होती है, कोई भी जाति धर्म और क्षैत्र कम या विशेष नहीं होता,सद्गुणी हर जगह हर समय सम्मान पाता है! जो नेकी का दामन थामा लेता है वह अपनी प्रतिष्ठा के लिए बाहरी परिचय का मोहताज नहीं होता! इसलिए जीवन में सद्गुण जगायें।
भूषण साहेब ने कहा कि मनुष्य जीवन स्वतंत्र भूमिका है वह चाहे जैसा कर्म कर सकता है, किन्तु कर्म करने के पश्चात उसका फल भोगने को बाध्य हो जाता है! इसलिए कर्म करते समय सचेत रहना चाहिए!
इससे पहले संत गुरुबोध साहेब व सुबोध साहेब ने संगीतमय भजनों से सभा को मंत्र मुग्ध कर दिया!
संयोजक बलराम साहू ने बताया कि समापन सत्र में रविवार 10 से 1 बजे भजन प्रवचन तथा दोपहर 2:30 से आशीर्वचन गुरु पूजन व महाआरती होगी!