पंडित होमेंद्र प्रसाद दुबे ने गौ, गंगा ,गायत्री, गीता,तुलसी की महात्म्य कथा सुनाई :

त्वरित खबरे :

31 जनवरी 2023

राजनांदगांव। हल्दी वार्ड 51 में सिन्हा परिवार एवं समस्त ग्राम वासी वार्ड नंबर 51 में 22 से 30 जनवरी तक माता श्री मति बैसाखिन बाई सिन्हा के स्मृति में श्रीमद् देवी भागवत महापुराण (गुप्त नवरात्रि) में आयोजन हुआ। कथावाचक (भागवताचार्य) पंडित होमेंद्र प्रसाद दुबे (ग्राम सुरगी) वाले है एवं परायणकर्ता वेद प्रकाश दुबे सुरगी है।यजमान दिलीप सिन्हा एवं श्रीमती बृज बाई सिन्हा है।

श्रीमद् देवी भागवत के नौवे दिवस पर कथा प्रसंग के पश्चात यज्ञ संपन्न हुआ और 9 कन्याओं को प्रसाद दिया गया और शोभा यात्रा निकालकर गली भ्रमण किया गया। संगीतमय भजनों के साथ श्रीमद् देवी भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का आयोजन संपन्न हुआ।

पंडित होमेंद्र प्रसाद दुबे ने व्यासपीठ से नौवें दिन कथा प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब हमारे जीवन में माता रानी की कृपा होती है तब मनुष्य परम सौभाग्य शली होता है, उन्होंने गौ ,गंगा, गायत्री, गीता, तुलसी के महात्त्म को कथा प्रसंग में विस्तृत बताया। इस संसार मे कर्मयोग प्रधानता दी गई है। विकारों को संत समागम, गुरु कृपा से दूर हो जाता है। गौ हत्या बंद करें, गौ माता का पालन करें।सदा सदा के लिए जीव को मुक्त करने वाली गौ माता है। उन्होंने कथा प्रसंग में कहा कि जो व्यक्ति अपने कुलदेवी का ध्यान नहीं करता वहा लक्ष्मी नहीं रहती, माता रानी नहीं रुकती। एक बिंदु से संसार का निर्माण हो जाता है, मनुष्य को अपने संस्कार को कभी नहीं भूलना चाहिए ।मैं निर्गुण भक्ति व सगुण भक्ति जिनका पार पाना संभव नहीं है। तीर्थ का महत्व कलयुग में ज्यादा होंगे ,यज्ञ सबसे बड़ा तीर्थ है, संत समागम सबसे बड़ा तीर्थ है। मन विचार कर्म को पवित्र करके घर में बैठे-बैठे गंगा स्नान करें। गीता में 18 अध्याय हैं गीता माता रानी ने कहा गीता आत्मज्ञान है जो रोगों को दूर कर देता है गीता की महिमा का विस्तृत कथा सुनाई।

गायत्री वेदों की माता गायत्री है, गौतम ऋषि गायत्री मंत्र के कारण महान हुए और वेदों की माता है गायत्री माता में सब वेदों का उद्गम हुआ है। गीता वेद सारणी पतित पावनी पूरे संसार के जीव के लिए गीता ओजस्वी है गीता की शक्ति तेज सदा सदा के लिए ज्ञान भक्ति प्रदान करती है, मैं ही आत्मा हूं, जीव हूं। तुलसी का जल ,गंगाजल हमारे जीवन को धन्य बना देती है,भगवान हर मनोकामना को पूरी कर देती है।