रामायण में जीवन जीने की संपूर्ण कला समाहित - राजेश श्यामकर0 परसबोड, झूराडबरी में रामायण कार्यक्रम व बिहावबोड में सांस्कृतिक मंडई मेला कार्यक्रम में पहुंचे

त्वरित खबरे :

25 जनवरी 2023

राजनांदगांव : जिला पंचायत सदस्य एवं डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सक्रिय भाजपा नेता राजेश श्यामकर परसबोड, झूराडबरी में रामायण कार्यक्रम व बिहावबोड में सांस्कृतिक मंडई मेला कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ग्राम परसबोड में मंच विस्तार के लिए 5 लाख की घोषणा और ग्राम बिहावबोड में सांस्कृतिक मंडई मेला के लिए गांव वालों को बधाई व शुभकामनाएं दी।

राजेश श्यामकर ने परसबोड व झूराडबरी में रामायण कार्यक्रम के दौरान अपने उद्बोधन में कहा कि रामायण जीवन जीने की संपूर्ण कलाओं को बुद्धि विवेक को जागृत करने की कल्याणकारी ग्रँथ है। जिसमें सारे जीवन का सार छुपा हुआ है। रामायण हमें धर्म के रास्ते पर चलना सिखलाती है। जीवन के हर मोड़ पर मार्गदर्शन करती है रामचरित मानस की कुछ चौपाई व दोहे को पढ़ने से मन शांत हो जाता है। कलयुग में राम नाम लेने से ही जीवन का उद्धार हो जाता है। रामकथा सभी मनोरथो को पूर्ण करने की संजीवनी बूटी है। जिस घर में प्रतिदिन सुबह रामायण पढ़ने से घर मे सुख शांतिपूर्ण माहौल बना रहता है। कलह क्लेश दूर हो जाते हैं।राम नाम जपने से भवसागर तर जाते हैं। और परमधाम मुक्ति का यही एकमात्र उपाय है। भारतीय संस्कृति में रामायण ग्रँथ सिर्फ किताब नही है ये जीवन के इतिहास के पन्नों में छिपी हुआ गूढ़ रहस्यों का अदभुत खजाना है। जिसे हमें सभी परिवार सहित पूरे विश्व में सारे संसार में इसे रामायण को पढ़ते हुए अमल करते हुए उन गड़े हुए खजानों को खोज निकालना चाहिए। आज की विकट परिस्थितियों में राम जी द्वारा बतलाई गई शिक्षा को जीवन मे अमल में लाना होगा। रामायण हमारे हृदय पटल पर ही नहीं वरन अनंत काल तक युगों युगों तक सारे संसार में समाहित है जिसे हमें उजागर करना है। रामायण में एक आदर्श परिवारों का समावेश है जिसमें आदर्श पिता, भाई, पुत्र, मित्र, सेवक, गुरु , शिष्य, तथाकथित पति पत्नी के कीर्तिमान स्थापित करने की एकमात्र स्त्रोत्र रामायण ही है। राम जी की कही गई वो बात आज सार्थक सिद्ध हो रही है कि जीवन में जो कुछ भी मिले उसे सहर्ष स्वीकार करो उसे नियति का निर्णय मानकर सहर्ष स्वीकार कर लेना चाहिए। विभिन्न कार्यक्रम के दौरान राजेश श्यामकर के साथ मुख्य रूप से जागेश्वर साहू, महेश यादव, श्याम लाल वर्मा, परदेसी सोनबोईर, तेज प्रताप साहू, विजय साहू, वीरेंद्र यादव व रितेश साहू उपस्थित थे।