बालोद झलमला मुख्य मार्ग पर स्थित जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट जाने का शॉर्टकट व सीधा मार्ग है, कार्यालय पहुंचने कच्ची सड़क का सहारा

त्वरित ख़बरें - बालोद संवाददाता

झलमला / भले ही शासन, प्रशासन से लेकर विभागीय अफसरों की ओर से दावा किया जा रहा है कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछने से लोगों की राह आसान हुई है। विकास कार्य में तेजी आ रही है, लेकिन जिला बनने के 11 साल बाद भी कलेक्ट्रेट, जिला पंचायत कार्यालय, एसपी कार्यालय पहुंचने में लोगों को परेशानी हो रही है क्यांेकि अब तक कच्ची व उखड़-खाबड़ सड़क का ही सहारा लेने लोग मजबूर हो रहे हैं। हालांकि पीडब्ल्यूडी के अफसरों का दावा है कि कलेक्ट्रेट पहुंचने लोगों को राहत दिलाने डामरीकरण की प्लानिंग बनी हुई है। लेकिन फिलहाल काम शुरू नहीं हो पाया है।


बालोद झलमला मुख्य मार्ग पर स्थित जिला मुख्यालय से लगे ग्राम सिवनी से कलेक्ट्रेट जाने का शॉर्टकट व सीधा मार्ग है। जो सिवनी बस्ती से होकर गुजरता है। इस मार्ग की हालत वर्तमान में खराब है। कच्चा मार्ग ऊपर से गड्‌ढा और धूल। गर्मी में धूल और बारिश में कीचड़ का सामना करना पड़ता है। जिसके कारण इस मार्ग पर गुजरते समय नागरिकों व कलेक्ट्रेट, जिला पंचायत के आला अधिकारी कर्मचारियों को परेशानी हो रही है।

दो पक्की सड़क लेकिन उपयोग कम क्योंकि...

कलेक्ट्रेट और जिला पंचायत के अधिकारी, कर्मचारियों के आने-जाने के लिए झलमला से भी पक्का रास्ता है लेकिन अधिकांश अधिकारी कर्मचारी तथा जनता का आना-जाना इसी सिवनी वाले मार्ग से हो रहा है। वहीं तांदुला बांध किनारे सीसी रोड बना है लेकिन शराब दुकान संचालित होने की वजह से अधिकांश लोग आना-जाना नहीं करते है। सिवनी के सरपंच दानेश्वर सिन्हा ने बताया कि दो माह पहले एक कार्यक्रम में पहुंचे प्रदेश के पीडब्ल्यूडी व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू को पत्र सौंपकर इस मार्ग के डामरीकरण के लिए मांग कर चुके हैं। लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

इसलिए जरूरी है सड़क का डामरीकरण होना

जिला मुख्यालय से 3 किमी दूर कलेक्ट्रेट जिला पंचायत कार्यालय, एसपी कार्यालय में रोजाना सैकड़ों लोग काम के सिलसिले में पहुंचते हैं। बालोद, गुंडरदेही, डौंडी, गुरूर, डौंडीलोहारा ब्लॉक के सभी ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि, लोग, 8 नगरीय निकाय के अधिकारी व यहां निवासरत लोगों का मुख्य केंद्र बिंदु कलेक्ट्रेट व जिला पंचायत कार्यालय है। मंगलवार को जनदर्शन या विशेष दिन कोई शिविर का आयोजन होता है तब दूरस्थ क्षेत्र से लोग पहुंचते हैं। पहले बालोद में अस्थाई तौर पर कलेक्ट्रेट संचालित हो रही थी, तब लोग बस के माध्यम से आसानी से पहुंचते थे लेकिन अब शहर से 3 किमी दूर कलेक्ट्रेट, जिला पंचायत कार्यालय संचालित हो रहा है।

इसी मार्ग पर हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी, धूल से परेशानी
इसी मार्ग पर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी भी स्थित है। जहां अधिकारी, कर्मचारी के अलावा अन्य वर्ग के लोग निवासरत हैं। इन लोगों को हर पल इस मार्ग से गुजरना होता है। विकास कुमार, विवेक कुमार ने बताया कि मार्ग कच्ची व खराब होने से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के घरों तक धूल घुस जाती है। जिससे परेशानी होती है। अधिकांश लोग सिवनी शॉर्टकर्ट मार्ग के जरिए ही कलेक्ट्रेट, जिला पंचायत, एसपी कार्यालय पहुंचते है। ऐसे में सड़क को संवारने पहल की जानी चाहिए।

डामरीकरण की प्लानिंग जल्द शुरू होगा काम: ईई
जिले के सभी पांचाें ब्लॉकों के लोग हर रोज किसी न किसी काम से जिला मुख्यालय पहुंचते हैं. लेकिन यहां सड़क जैसी बुनियादी सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। कच्ची सड़क पर चलना मजबूरी है।पीडब्ल्यूडी के ईई एम. प्रसाद ने बताया कि कलेक्ट्रेट पहुंचने में लोगों को सहूलियत हो। इसके लिए डामरीकरण की प्लानिंग बनी हुई है। तकनीकी स्वीकृति मिलने का इंतजार कर रहे हैं। यह अनुमति मिलने के बाद टेंडर जारी कर जल्द काम शुरू कराएंगे।