राजनांदगाँव। छत्तीसगढ़ राज्य पर्यटन मंडल के सदस्य निखिल द्विवेदी ने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए विज्ञप्ति जारी कर कहा की भाजपा के प्रदेश पदाधिकारी राजनांदगांव के गली गली घूम कर बूथ की वैठक कर रहे हैं इसका मतलब यह है कि भाजपा आलाकमान को राजनांदगांव की जनता का संदेश पहुंच चुका है और शीर्ष नेतृत्व को रमन सिंह और भाजपा की अपनी हार नजर आ रही है पिछले विधानसभा चुनाव में रमन सिंह का लीड 35000 से घटकर 16000 पर आ पहुंचा है जितने भी आम चुनाव हुए हैं पिछले 4 सालों में सभी में भाजपा को करारी हार मिली है।
भाजपा अपने 15 साल का गड्ढा पाटने का प्रयास कर रही है भाजपा को मालूम है रमन सिंह के मुख्यमंत्री रहते हुए और उनके पुत्र के सांसद रहते हुए अगर कोई सबसे ज्यादा भाजपा के लिए दिक्कत पैदा की है तो वह राजनांदगांव जिला था रमन सिंह के मुख्यमंत्री रहते हुए भी 6 में से 4 विधायक कांग्रेस के थे और वर्तमान में राजनांदगांव जिले के छह में से पांच विधायक कांग्रेस के हैं और लोकसभा में 8 में से 7 विधायक कांग्रेस के हैं।
निखिल द्विवेदी ने कहा की पिछले 4 सालों से रमन सिंह अपने विधानसभा क्षेत्र में निष्क्रिय हैं जनता अपने विधायक से मिल भी नहीं पाती रमन सिंह ने तत्कालीन मुख्यमंत्री रहते हुए फर्जी चिटफंड कंपनियों को राजनांदगांव बुलाया और अपनी पत्नी के माध्यम से कंपनियों का उद्घाटन कराया और सभी कंपनियां राजनांदगांव के भोले भाले लोगों को चूना लगा कर भाग गई जिसके वजह से गांव गरीब किसान के लाखों रुपए डूब गए और चिटफ़ंड धोखाधड़ी का शिकार हो गये किसी ने पैसे अपनी बेटी के ब्याह के लिए रखे तो किसी ने अपने बच्चे के पढ़ाई के लिए रमन सिंह 15 साल से राजनांदगांव का नेतृत्व कर रहे हैं लेकिन एक भी उद्योग नहीं लगाया जिसमें राजनांदगांव के युवाओं को रोजगार मिल सके रायपुर के भाजपा नेता खुद अपना वार्ड नहीं बचा पाए हज़ारो वोटो से हार का सामना करना पड़ा जिन्हें भाजपा ने पार्षद का प्रत्याशी बनाया वह अपना घर संभालना छोड़ दूसरे के घर पर खपरा लगाने निकल पड़े हैं उनके दौरे से अब तो यह भी स्पष्ट हो गया होगा कि रमन सिंह जी के पैरों के नीचे से राजनांदगांव विधानसभा की जमीन खिसक चुकी है।