राजनांदगांव। जिले के धान उपार्जन केंद्रों पर खरीदी बंद कर दी गई है। भूपेश सरकार के इस फैसले ने किसानों के माथे पर चिंता और परेशानियों को बढ़ा दी है। जिले के किसान अपनी धान को नहीं बेच पाए है। जिस पर राजनांदगांव जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता घासी साहू ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भूपेश सरकार किसान हितैषी होने का ढिंढोरा पीटते रहते हैं ,लेकिन आज किसान चिंतित और परेशान हैं। किसान अपनी गाढ़ी कमाई धान को बेचने के लिए भूपेश सरकार के फरमान का इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि गांव गांव में मुनादी करा दी गई है कि किसान अपनी धान को धान उपार्जन केंद्र नहीं लाए, सरकार ने धान खरीदी पर रोक लगा दी है।
श्रीमती गीता घासी साहू ने कहा कि जब से छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल की सत्ता सरकार आई है तब से किसानों को परेशान होना पड़ा है किसानों को अपनी धान उपज बेचने के लिए दर-दर भटकना पड़ा है रात रात भर सोसायटीओं में किसानों को टोकन के लिए मारामारी, बार दाने की कमी, खाद की किल्लत, खरीदी बंद करना, बिजली कटौती करना, गिरदावरी के नाम पर रकबा कम करना आदि तमाम समस्याएं भूपेश सरकार ने किसानों को परेशान करने का काम किया है। श्रीमती साहू ने कहा कि कांग्रेस सरकार के खाने के दांत अलग हैं और दिखाने के दांत अलग है अगर भूपेश बघेल सच्चा किसान हितैषी सरकार है तो किसानों को क्यों तकलीफों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि किसानों का एकमात्र आय का साधन कृषि कार्य है, उन्ही से ही उनके परिवार, मजदूरों का गुजर बसर चलता है। लेकिन किसान ही क्यों शोषित किया जाता है, परेशान किया जाता रहा है। बार-बार कोई ना कोई बहाना लेकर किसानों को परेशान करके छल किया जाता है। श्रीमती गीता घासी साहू ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आगे कहा कि भूपेश सरकार किसानों के हितैषी होने का ढिंढोरा पीटना बंद करें और किसानों को अपनी कमाई का धान बेचने खरीदी चालू करें ताकि किसान सही समय में अपने धान बेचकर ग्रीष्मकालीन फसल की तैयारी कर रहे किसानों को कोई परेशानियों का सामना करना ना पड़े।