फिल्म 'आदिपुरुष' का टीजर रिलीज होते ही इसका विरोध शुरू

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5 अक्टुबर 2022

फिल्म 'आदिपुरुष' का टीजर रिलीज होते ही इसका विरोध शुरू हो गया है। पंचम दशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर और शिवशक्ति धाम गाजियाबाद के महंत यति नरसिंहानंद गिरि महाराज ने कहा है कि फिल्मों पर इस्लामीकरण का प्रभाव बने, इसलिए ऐसी फिल्में बनाई जा रही हैं। हम सबको इसका विरोध करना चाहिए।


महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि ने फिल्म पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

'फिल्मों पर इस्लामीकरण का प्रभाव'
एक बयान में यति नरसिंहानंद ने कहा, मैंने फिल्म के टीजर में सैफ अली खान का रोल देखा है। इसमें रावण द्वारा माता सीता के हरण को सही सिद्ध करने जैसा दिखाया जा रहा है। यति ने कहा, फिल्म में सैफ अली खान का गेटअप सनातन विरोधी दिखाया गया है। हम रावण को अपना पूर्वज मानते हैं। वो दुष्ट थे, राक्षस थे, सीता मां का अपहरण किया था। लेकिन उनकी तुलना मुसलमानों से नहीं की जा सकती। मुसलमानों से उनकी तुलना करना सनातन धर्म का अपमान है। ये सीन भद्दे तरीके से फिल्माया गया है। फिल्मों पर इस्लामीकरण का प्रभाव दिखाने के लिए ये फिल्में बनाई जा रही हैं। इनका विरोध करना ही चाहिए।

यति नरसिंहानंद गिरि ने कहा, मुझे दुख है कि साउथ के कलाकारों द्वारा बनाई गई फिल्म में ऐसी हालत हुई है। हम समझते थे कि साउथ में अभी धर्म जीवित है, लेकिन ये फिल्म वाले सारे ही भांड हैं, फिर चाहें वो कोई भी हों।

डिप्टी सीएम ने बताया संस्कृति पर हमला

यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी इसे संस्कृति पर हमला बताया है। उन्होंने कहा, 'यह हिंदू संस्कृति पर हमला है। मैं इसकी निंदा करता हूं। इस गेटअप को बदला जाना चाहिए। रावण अत्याचारी था। मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने उसका वध किया था। ये ऐतिहासिक फैक्ट है। हम किसी को भी अपनी संस्कृति से छेड़छाड़ करने का अधिकार नहीं देते।

फिल्म आदि पुरुष के पात्रों और उनकी वेश भूषा का अयोध्या के संतों ने किया विरोध किया है। श्रीरामवल्लभाकुंज के प्रमुख और विक्रमादित्य महोत्सव समिति के अध्यक्ष स्वामी राजकुमार ने इस सनातन धर्म पर हमला बताया है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म-संस्कृति के साथ छेड़छाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

'हिंदू धर्म के लोगों से तत्काल माफी मांगे'
स्वामी राजकुमार दास ने कहा कि अयोध्या और श्रीराम की संस्कृति लोक कल्याण के लिए हैं। इसे धन कमाने का साधन नहीं बनाया जाना चाहिए। हिंदू धर्म पर फिल्म बनाने वालों को पहले संस्कृति का ज्ञान लेना चाहिए। इसके बाद ही फिल्म बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस फिल्म के निर्माता तुरंत संतों और हिंदू धर्म के लोगों से तत्काल माफी मांगे।