12/सितंबर/2022
कृमि से मुक्ति के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरकारी, निजी ओर अनुदान प्राप्त शालाओं में 1 से 19 वर्षीय बालक-बालिकाओं को कृमि नाशक दवा एलबेंडाजोल 400 मिलीग्राम का सेवन कराया जा रहा है। सीएमएचओ डॉ मिथलेश चौधरी ने बताया कि कृमि संक्रमण के हानिकारक प्रभाव से खून की कमी एनीमिया, कुपोषण, भूख ना लगना, जी मचलना, उल्टी, दस्त लगना, वजन में कमी आना जैसे लक्षण रहते हैं। सीएमएचओ ने बताया कि एलबेंडाजोल के सेवन से बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण का स्तर बढ़ता है। एनीमिया से रोकथाम, बौद्धिक विकास होता है। औसत आयु में वृद्धि तथा शाला में उपस्थिति में सुधार आता है।