31 मई 2022
हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है. WHO के मुताबिक, तंबाकू के सेवन से दुनियाभर में हर साल 80 लाख से ज्यादा लोग मरते हैं. गुटखा, पान मसाला और तंबाकू खाने में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है. दूसरे नंबर पर बिहार और तीसरे पर मध्य प्रदेश है. उत्तर प्रदेश में हर चौथा पुरुष गुटखा और खैनी का लती है. कानपुर में करीब-करीब हर दूसरा पुरुष इसका सेवन कर रहा है.
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट में पान मसाला, तंबाकू, खैनी, गुटखा व सिगरेट को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. 2022 में पुरुषों की अनुमानित जनसंख्या लगभग 12 करोड़ और महिलाओं की 11 करोड़ है. सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक 28 फीसदी पुरुष गुटखा-खैनी खा रहे हैं. यानी 3.40 करोड़ पुरुष इसके लती हैं. गुटखा खाने वाली महिलाओं की संख्या शहरों में तीन फीसदी तो ग्रामीण इलाकों में चार फीसदी है. इस हिसाब से 35 लाख महिलाएं भी शामिल हैं.
कानपुर में तो 46 फीसदी पुरुष सुबह-सुबह गुटखा दबा लेते हैं. खास बात ये है कि इस सर्वे में 15 से 49 वर्ष के लोगों को शामिल किया गया है. साफ है कि गुटखा खाने वाले लोगों की वास्तविक संख्या इससे कहीं ज्यादा है. शहरों में जहां 44 फीसदी पुरुष और तीन फीसदी महिलाएं गुटखा-खैनी खा रही हैं, वहीं ग्रामीण इलाकों में इनकी संख्या 47 फीसदी और चार फीसदी है. कानपुर में 15 वर्ष और इससे ऊपर की 9.5 फीसदी महिलाएं तंबाकू खा रही हैं. गुटखा खाने वाले पुरुषों की संख्या 46.8 फीसदी है. एक फीसदी से कम महिलाएं कानपुर में शराब पी रही हैं जबकि पुरुषों की संख्या 15 फीसदी से ज्यादा है.