26 मई 2022
उदयपुर नवसंकल्प शिविर से कांग्रेस पार्टी को क्या मिला या भविष्य में क्या मिल सकता है? इस सवाल के अलावा, पार्टी ने चिंतन शिविर में बीते चुनावों में मिली हार पर पर्याप्त मंथन किया या नहीं, यह भी एक अलग सवाल है। हालांकि, आगे की चुनावी चुनौतियों से कैसे निपटा जाए, पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इसके लिए कई समूह और समितियां जरूर गठित की हैं। राजनीतिक मामलों की समिति, टास्क फोर्स 2024 और भारत जोड़ो पद यात्रा के लिए केंद्रीय योजना समूह नाम से तीन समूहों में कई नेताओं को शामिल किया गया है। हालांकि, ये समूह किस हद तक स्वतंत्र होंगे? यह एक गंभीर सवाल है क्योंकि पहले दो समूहों में तो क्रमशः राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का सीधा हस्तक्षेप होगा। वहीं, तीसरा ग्रुप भी गांधी परिवार के साये से दूर होगा, इसकी गुंजाइश नहीं के बराबर ही है। यही वजह है कि कई कांग्रेस नेता ने हताशा जाहिर करते हुए कहा है कि सोनिया गांधी ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी पुराने ढर्रे पर ही चलेगी, सुधार की उम्मीद ही बेमानी है। एक नेता ने तो यहां तक कह दिया कि सारी कवायद पार्टी पर गांधी परिवार के कब्जे को और मजबूत करने की है।
बहरहाल, बात करते हैं पॉलिटिकल अफेयर ग्रुप की। इस समूह की अध्यक्ष खुद सोनिया गांधी होंगी। बतौर सदस्य इसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजादी, अंबिका सोनी, दिग्विजय सिंह, आनंद शर्मा, केसी वेणुगोपाल, जितेंद्र सिंह को शामिल किया गया है। ध्यान रहे कि गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा जी-23 का हिस्सा हैं। हालांकि, इस जी-23 के प्रमुख नेताओं में एक कपिल सिब्बल पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं।
इस समूह की जिम्मेदारी मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और घटनाक्रमों के मद्देनजर एक रिपोर्ट तैयार करना है जिसे चेयरपर्सन सोनिया गांधी को सौंपा जाएगा। माना जा रहा है कि यही समूह देश और राज्य स्तर पर बीजेपी से मिल रही कड़ी चुनौतियों का सामना करने की रणनीति तय करेगा। यह समूह उन मुद्दों को पहचानेगा जिन्हें उठाकर जनता के दिलों में फिर से जगह बनाई जा सके। राजनीतिक मामलों का समूह ही संभवतः समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन की गुंजाइश और कांग्रेस के साथ उसके कॉमन एजेंडे की रूपरेखा भी तय करेगा।
कांग्रेस पार्टी ने 2024 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर विशेष समूह का गठन किया है। इस सूह को टास्क फोर्स 2024 नाम दिया गया है। टास्क फोर्स में पी. चिदंबरम, मुकुल वासनिक, जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल, अजय माकन, प्रियंका गांधी, रणदीप सुरजेवाला, सुनील कोनगोलु को जगह दी गई है। पार्टी टास्क फोर्स की जानकारी देते हुए बताया है कि इसके प्रत्येक सदस्य को संगठन, संचार एवं मीडिया, वित्त एवं चुनाव प्रबंधन से संबंधित काम सौंपे जाएंगे। बड़ी बात है कि टास्क फोर्स के सभी सदस्यों की अलग से अपनी-अपनी टीमें होंगी। टास्क फोर्स उदयपुर नव संकल्प घोषणाओं और छह समूहों की रिपोर्ट के आधार पर काम करेगा।