26 मई2022
कुख्यात अपराधी विकास दुबे के कारखास तत्कालीन एसओ और हल्का चौकी इंचार्ज को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। विभागीय जांच में तत्कालीन एसओ विनय तिवारी और दारोगा केके शर्मा दोषी पाए गए हैं। एसओ और दारोगा बिकरू कांड की साजिश में शामिल थे। दबिश की मुखबिरी करने से लेकर वारदात के बाद पुलिस के मूवमेंट की जानकारी विकास दुबे को दी गई थी। बिकरू गांव में मुठभेड़ के दौरान तत्कालीन एसओ और दारोगा मौके से भाग निकले थे। पुलिस विभाग में विभीषण की भूमिका निभाने वाले दोनों आरोपी जेल में हैं।
दुर्दांत अपराधी विकास दुबे ने बीते 02 जुलाई 2020 की रात अपने गुर्गों के साथ मिलकर सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी। बिकरू कांड के बाद यूपी एसटीएफ ने विकास दुबे समेत 6 बदमाशों को एनकांउटर में मार गिराया था। इस मामले में 36 आरोपी जेल में बंद हैं। बिकरू कांड के बाद तत्कालीन एसओ विनय तिवारी और दारोगा केके शर्मा पर मुखबिरी के आरोप लगे थे। वहीं एसआईटी की जांच में भी विनय तिवारी और दारोगा दोषी पाए गए थे। दोनों ही पुलिस कर्मियों को अरेस्ट कर जेल भेजा गया था।