25 मई 2022
अपनी असली पहचान को गुमनाम करके जाने-माने स्टार्स के नाम से ली हुई उधार की जिंदगी जीने वाले 'लुक अलाइक' को क्या कोई कसक होती है या फिर ये भी खुद को सुपर स्टार्स समझते हैं। स्टार्स न होने के बावजूद स्टार्स जैसी मेंटेनेंस के लिए उन्हें क्या-क्या पापड़ बेलने पड़ते हैं? इनकी जिंदगी के हाई पॉइंट और लो फेज क्या रहे, हमने जाना इन्हीं की जुबानी।
लोग उन्हें डुप्लिकेट्स, बॉडी डबल, हमशक्ल जैसे नामों से बुलाते हैं, मगर वे खुद को 'लुक अलाइक' कहलाना पसंद करते हैं। आप अगर उन्हें दूर से देखें तो आपको उनके शाहरुख खान, अनिल कपूर, नाना पाटेकर होने का भ्रम हो सकता है। यही वजह है कि वे स्टार के नाम के साथ जूनियर या लुक अलाइक नाम से पहचान बनाते हैं। यहां हम जाने-माने सितारों के लुक अलाइक से आपको मिलवा रहे हैं, जिन्होंने जन्म तो किसी और नाम से लिया, लेकिन मनोरंजन जगत में नाम-दाम और शोहरत कमाई सितारों के हमशक्ल बन कर।
अफसोस नहीं लुक अलाइक कहलाने का, शाहरुख भाई के नाम से घर चलता है: राजू रहिकवार 'जूनियर शाहरुख खान'
'फौजी' सीरियल को देखकर जब मैं शाहरुख भाई के अभिमन्यु रॉय के किरदार को इमिटेट करने लगा, तब मैं उनका नाम भी नहीं जानता था। मैं तो हॉस्टल में पढ़ रहा था। अपने दोस्त के साथ 'दीवाना' देखने गया, तो वहां लड़कियां शाहरुख, शाहरुख कह कर बुलाने लगी और उसके बाद जब यह फिल्म हमारे गांव में लगी तो मैं तो शाहरुख के नाम से फेमस हो गया। अब मैं शाहरुख भाई की तरह कपड़े और चश्मा पहन कर खुद को एसआरके समझने लगा। कोई डॉक्टर बनता है, कोई इंजीनियर, मगर मैं मुंबई शाहरुख खान बनने आया था। एक दिन गेटवे ऑफ इंडिया में भूख से मेरा पेट ऐंठ चुका था और मैंने देखा कि एक बंदा, शायरी सुना कर पैसे इकट्ठे कर रहा है, तो मैंने उसको साथ लेकर, 'ये काली काली आंखें' पर डांस किया, 180 इकट्ठा हुए। 100 रुपए उस शायरी वाले ने ले लिए और मेरे हिस्से में 80 रुपए आए। संघर्ष के दिनों में मैंने दस रुपए के लिए भी शो किया है, जिससे नाश्ते में वड़ा पाव खा सकूं। फिर एक दिन देव आंनद के लुक अलाइक के जरिए मुझे 11 शो और हजारों रुपए मिले। वहां से मेरी गाड़ी चल पड़ी।'
अनिल कपूर के डुप्लिकेट आरिफ खान
'अनिल कपूर साहब ने दो रुपए की भी मदद नहीं की'
मगर मुझे लगता है बीते सालों में अनिल कपूर के लुक को बनाए रखें सबसे बड़ी चुनौती रही है। उनके लुक के लिए मुझे हर महीने 80 हजार खर्च करने पड़ते हैं। लोग जब हमें डुप्लिकेट कहते हैं, तो वो गाली की तरह लगता है। हमारे पास उनकी शक्ल है, मगर टैलेंट तो अपना है न? अपने बुरे फेज की बात करूं, तो कोरोना काल बन कर आया। मैंने अपने भाई और जीजा को खोया। मगर आईला (ऑल इंडिया लुक अलाइक असोसिएशन) का प्रेसिडेंट भी हूं। हमारे असोसिएशन में 500 लुक अलाइक मेंबर्स हैं। मेरी ड्यूटी यही थी कि मैं अपने मेंबर्स की मदद करूं। मुझे इस काम में सलमान खान, यश जौहर, जैकी श्रॉफ, जॉनी लीवर, एहसान कुरैशी, राजू श्रीवास्तव, बच्चन साहब और फेडरेशन के बीएन तिवारी सरीखे लोगों का साथ मिला मगर अफसोस अनिल कपूर साहब ने अकाउंट नंबर लेने के बावजूद दो रुपए की मदद भी नहीं की। मैंने भले रोजी-रोटी के लिए अनिल कपूर के लुक लाइक बना, मगर मुझे उनके नाम की कोई जरूरत नहीं। मैं आरिफ खान बन कर जीना चाहता हूं।
नाना के घर से कभी भूखा नहीं लौटा: तीर्थानंद राव लुक अलाइक नाना पाटेकर
मैं हमेशा से एक्टर बनना चाहता था। ये उन दिनों की बात है,जब मेरे पास काम नहीं था और परेशानी में मैंने दाढ़ी बढ़ा ली थी। जब मैंने दाढ़ी बढ़ाई, तो लोगों ने मुझे नाना पाटेकर कहना शुरू कर दिया। उसके बाद ही मैंने नाना पाटेकर की फिल्म 'क्रांतिवीर' देखी और उसके डायलॉग्स लिख कर याद करने शुरू कर दिए। मैंने उनकी आवाज निकालने की प्रैक्टिस शुरू कर दी। जब मैं काफी हद तक नाना जैसा दिखने और बोलने लगा, तो मैंने उनका लुक अलाइक बनकर शोज करने शुरू कर दिए। फिर 'लई भन्नाट' में नाना का लुक अलाइक निभाना मेरे करियर का टर्निंग पॉइंट था। मैंने नाना के लुक अलाइक के रूप में आठ भाषाओं की फिल्मों में काम किया। कपिल शर्मा के शो में आठ एपिसोड किए। टीवी के कई रियलिटी मराठी शोज का हिस्सा बना। एक समय ऐसा भी आया, जब 'अपुनिच भगवान!' याने मैं खुद को भगवान समझने लगा था। उस दौरान मैं गलत संगत में पड़ कर एक बार बाला के चक्कर में आ गया। एक दिन उसने मुझसे आकर कहा कि वो मेरे बच्चे की मां बनने वाली है, तो मैंने उसे अपना लिया। मेरी इस पहल पर मेरे घरवालों ने मेरा त्याग कर दिया था। मगर उसके साथ बिताए गए चार-पांच साल मेरी जिंदगी के टॉर्चर साबित हुए। किस्मत देखिए, वो भी मुझे छोड़कर चली भी गई और मैं अकेला रह गया। मगर काम को लेकर मैंने अपने जूनून को मैंने कभी कम नहीं होने दिया। मैं नाना पाटेकर के साथ 'वेलकम बैक' और विज्ञापन फिल्म में भी काम किया। नाना मेरे लिए बहुत बड़ा सपोर्ट सिस्टम साबित हुए हैं। उन्होंने मुझे दुबई, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया के कई शोज दिलाए। विदेशी शोज में एक दिन का 2 लाख लेने वाला लुक अलाइक मैं ही रहा हूं। मैं उन्हें गुरूजी कहकर संबोधित करता हूं। मैं जब भी उनके घर जाता, बिना खाना खाए नहीं लौटता।
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नाना पाटेकर के डुप्लिकेट तीर्थानंद राव