भीषण गर्मी और लू के कहर के बीच कई राज्य इस समय बिजली संकट से जूझ रहे हैं। देश के 12 से ज्यादा राज्यों में बिजली की मांग ने अभी तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। खुद ऊर्जा मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है। मंत्रालय के मुताबिक, देश में पीक पावर डिमांड अब तक के सबसे रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। मंत्रालय ने एक ट्वीट में बताया कि ऑल टाइम हाई डिमांड शुक्रवार दोपहर 2.50 बजे तक 207111 मेगावॉट तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे उच्च स्तर है।
एक महीने तक 750 पैसेंजर ट्रेनों के सभी फेरे रद्द
भीषण गर्मी के बीच देश में अप्रैल महीने में ही बिजली की मांग बहुत बढ़ गई है, जिससे कोयले की खपत भी बढ़ गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पावर प्लांट्स के पास कुछ ही दिनों का कोयला रह गया है। बिजली की खपत और कोयले की कमी को देखते हुए रेलवे ने अगले एक महीने तक 750 पैसेंजर ट्रेनों के सभी फेरे रद्द कर दिए गए है। जिससे कोयले की गाड़ियां जल्द से जल्द पावर प्लांट्स तक पहुंचे। वहीं कोयले से लदी मालगाड़ियों की संख्या भी बढ़ा दी है। रद्द की गई ट्रेनों में 500 से अधिक लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं।
रेलवे ने कुल 13 मेल और एक्सप्रेस के कुल 363 फेरों को रद्द कर दिया है। उत्तर रेलवे की ट्रेनों को 8 मई के लिए निरस्त किया गया है। पैसेंजर ट्रेन की बात करें तो रेलवे ने कुल 8 ट्रेनों के 390 फेरे रद्द किए गए हैं। कुल 21 ट्रेन अगले महीने तक निरस्त की गई है। फेरों के हिसाब से 753 एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को निरस्त किया गया है। रेलवे ने जिन ट्रेनों को रद्द किया है उनमें से कुछ ट्रेनों की लिस्ट ग्राफिक्स में देखिए।