बाड़मेर १३ अप्रैल अवैध बजरी की रोकथाम पर सख्ती बरत रही पुलिस की रैकी करते पकड़े गए बजरी माफियाओं से जुड़े लोगों से हुई पूछताछ में अवैध बजरी खनन परिवहन में रॉयल्टी कार्मिकों की मिलीभगत का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि बजरी माफियाओं ने रॉयल्टी कार्मिक से सांठगांठ कर प्रति गाड़ी तीन हजार रुपए लेने के बाद अवैध खनन कर बजरी का परिवहन करवाने की बात सामने आई है। पुलिस ने बजरी माफिया के मोबाइल से रॉयल्टी कार्मिक के साथ हुई चैट व अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए गए रुपयों की जानकारी भी प्राप्त कर रही है।
वहीं पुलिस अवैध खनन में लिप्त अन्य रॉयल्टी कार्मिकों व माफियाओं का पता लगाकर सख्ती से कानूनी कार्रवाई करने में जुट गई है। उल्लेखनीय है कि बाड़मेर जिले में लूणी नदी से वैध खनन को लेकर ईसी जारी होने के बावजूद कुछ दस्तावेजी कमी के चलते अभी तक वैध खनन शुरु नहीं हो पाया है। इस पर खनन विभाग के आदेश के बाद जिले में 10 से अधिक जगहों पर चैक पोस्टें लगाकर पूर्व एलओई धारक की टीम के साथ खनन व पुलिस विभाग को अवैध खनन रुकवाने के आदेश जारी किए गए थे।
इन चैक पोस्टों पर खनन व पुलिस के कार्मिक तो नहीं बैठते हैं, लेकिन पूर्व एलओई धारक के कार्मिक बजरी के अवैध खनन व परिवहन को रुकवाने का काम कर रहे हैं। जिले में गत जुलाई 2021 से चैक पोस्टें लगाने के बाद से कार्मिक नियुक्त किए गए हैं। अवैध खनन रुकवाने का जिम्मा संभाल रहे रॉयल्टी कार्मिक खुद ही बजरी माफियाओं से वसूली कर लूणी नदी से खनन करवा रहे हैं।
ऐसे में एकबारगी अवैध खनन पर पूरी तरह से लगाम लगने के बाद रॉयल्टी कार्मिकों की मिलीभगत के चलते पचपदरा, सिणधरी क्षेत्र में गत कुछ माह से अवैध खनन चरम पर हैं। रविवार रात को नाकाबंदी से वापस लौट रही आरजीटी पुलिस की गाड़ी की रैकी कर रहे दो युवकों को पकड़ने के बाद यह पूरा मामला सामने आया हैं। ऐसे में अवैध खनन को लेकर सरकार व उच्चाधिकारियों के दबाव के चलते सक्रिय हुई पुलिस एक बार फिर से बैकफुट पर आ गई है।
पुलिस की रैकी करते दो को पकड़ा, पूछताछ में हुआ मिली भगत का खुलासा
रविवार देर रात को आरजीटी पुलिस क्षेत्र में नाकाबंदी से वापस लौट रही पुलिस की गाड़ी का एक कैंपर गाड़ी में सवार दो युवक रैकी कर रहे थे। इस पर पुलिस ने गाड़ी रुकवाकर ओमप्रकाश पुत्र मोहनलाल शर्मा व रामाराम पुत्र केहराराम निवासी खुडाला को पूछताछ कर गिरफ्तार किया। बाद में थाने ले जाकर पूछताछ की तो दोनों युवकों के बजरी के अवैध खनन में लिप्त होना सामने आया।
वहीं दोनों सख्ती से पूछताछ की गई तो बताया कि रॉयल्टी कार्मिकों के साथ मिलीभगत कर प्रति गाड़ी 3 हजार रुपए चुकाकर नदी से अवैध खनन कर बजरी की गाड़ियां भरवाने का काम करते हैं। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल से रॉयल्टी कार्मिक के साथ हुई बातचीत व रुपए ट्रांजेक्शन की जानकारी भी प्राप्त की गई है।
16 नवंबर 2017 से बंद है बजरी का खनन, ईसी जारी होने के बाद भी वैध खनन नहीं
बिना पर्यावरण अनुमति के हो रहे खनन पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 16 नवंबर 2017 से प्रदेश में बजरी का वैध खनन बंद है। इसके बाद राज्य सरकार ने खातेदारी भूमियों पर बजरी की लीजें आवंटित की थी, इसके बावजूद भी नदी क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा था। इस पर केंद्र की गठित सीईसी की टीम के नदी क्षेत्रों का दौरा करने पर अवैध खनन की बात सामने आई, इस पर टीम ने रिपोर्ट तैयार कर सुप्रीम कोर्ट में पेश की, इस पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश में वैध खनन शुरु करने के आदेश जारी कर दिए। बाड़मेर जिले में ईसी जारी होने के बावजूद कुछ दस्तावेजी खामियों के चलते अब तक वैध खनन शुरु नहीं हो पाया है।
जुलाई 2021 से चैक पोस्ट स्थापित
वैध खनन शुरु होने के चलते गत जुलाई 2021 से बाड़मेर जिले में खनन विभाग के आदेश पर दस से अधिक जगहों पर चैक पोस्ट स्थापित की गई। इसमें आदेश जारी किया गया कि इन चैक पोस्टों पर पूर्व एलओई धारक के कार्मिक खनन व पुलिस टीम के साथ ही अवैध बजरी परिवहन कर रहे वाहनों को रुकवाने की कार्रवाई करेंगे, जबकि मौके पर हालात इसके विपरीत हैं। चैक पोस्ट पर खनन व पुलिस टीम नजर नहीं आती हैं। वहीं रॉयल्टी कार्मिक बिना नंबरी गाड़ियों में पत्थर व लाठियां-सरिया लेकर नदी क्षेत्र में अवैध खनन रुकवाने के लिए निकलते हैं, इस पर कई बार बजरी माफियाओं व रॉयल्टी कार्मिकों में मारपीट की घटनाएं भी सामने आई है।
- नाकाबंदी से वापस लौटने के दौरान एक कैंपर गाड़ी पुलिस टीम की रैकी करती पाई गई। इस पर उसे रुकवाकर दो युवकों को पूछताछ कर गिरफ्तार किया गया। थाने ले जाकर पूछताछ की तो युवक बजरी कार्य में लिप्त मिले, जिनकी रॉयल्टी कार्मिकों के साथ बातचीत व रुपयों लेन-देन की बात सामने आई है। जिसमें प्रति गाड़ी 3 हजार रुपए देकर अवैध परिवहन की जानकारी भी सामने आई है - ओमप्रकाश, थानाधिकारी आरजीटी