भाजपा का झंडा फहराने पर किडनैप किया, मंत्री के रिश्तेदारों पर आरोप

त्वरित खबरे - युवक की हत्या के विरोध में बाजार बंद

प्रतापगढ़ 8 अप्रैल जिले के केसुंदा में​​​ तीन दिन पहले हुई विकास प्रजापत की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। युवक के परिजनों का आरोप है कि वह अपने घर बीजेपी का झंडा लगा रहा था। ऐसे में उसकी हत्या कर दी गई। वहीं पुलिस इसे आपसी रंजिश बता रही है। दरअसल, केसुंदा गांव के 22 साल के युवक विकास प्रजापत के साथ 6 अप्रैल को मारपीट हुई थी। उसी रात उदयपुर में उसकी मौत हो गई थी। एफआईआर में ये पूरा मामला आपसी रंजिश का बताया गया है, लेकिन अब मामले में भाजपा ने कांग्रेस पर सियासी हत्या के आरोप लगाकर इसकी सीबीआई जांच की मांग की है।

शुक्रवार सुबह इस मामले को लेकर भाजपा के नेताओं ने आम सभा की, जिसमें प्रदेश विपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया, चित्तौड़-प्रतापगढ़ सांसद सीपी जोशी, बड़ी सादड़ी विधायक ललित ओस्तवाल, प्रतापगढ़ जिला अध्यक्ष गोपाल कुमावत, पूर्व यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी मौजूद थे। भाजपा नेताओं का आरोप है कि अरविंद और जसपाल सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना के रिश्तेदार हैं। इसके साथ ही भाजपा ने यहां आज बंद का आह्वान किया है।

इस मामले में अब राजनीति गरमा गई है। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्वीट किया कि पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर व केरल के बाद अब राजस्थान में भी अराजकता इस कदर बढ़ गई है कि भाजपा कार्यकर्ताओं की सरेआम हत्या की जाने लगी है। उन्होंने लिखा कि वो इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।

वहीं इस मामले में विकास के दोस्त घनश्याम आंजना ने पुलिस को शिकायत दी कि विकास ने अपने घर पर भाजपा का झंडा लगा रखा था, जिसे अरविंद आंजना एवं जसपाल आंजना ने उतारने के लिए कहा। नहीं उतारने पर उसका अपहरण कर मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हो गई। छोटी सादड़ी थाना अधिकारी कपिल पाटीदार घनश्याम अंजना की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

एंबुलेंस से नहीं उतारा शव, मुआवजे की मांग पर अड़े

विकास का शव गुरुवार शाम 5:30 बजे केसुंदा गांव लाया गया, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों ने शव का एंबुलेंस से उतारने नहीं दिया। ऐसे में अभी तक अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है। लोगों की मांग है कि विकास की बहन को सरकारी नौकरी दी जाए। परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता मिले। मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। एसडीएम विनोद कुमार मल्होत्रा, डीएसपी मनीष बडगूजर, सीआई कपिल पाटीदार, भूअभिलेख निरीक्षक दीपक राज भाटी, दीपक राव मराठा ने समझाइश की, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। हाल फिलहाल शव को छोटीसादड़ी के राजकीय जयचंद मोहिल अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है।