कुलपति के विरोध में चल रहे आंदोलन में शुक्रवार को नया मोड़ आ गया

त्वरित ख़बरें - आंदोलनकारियों पर अनुशासन का डंडा चलाने की चेतावनी दी

प्रदेश के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बाहरी कुलपति के विरोध में चल रहे आंदोलन में शुक्रवार को नया मोड़ आ गया। बताते हैं कि ऊपर से संकेत मिलने के बाद प्रभारी कुलपति डॉ. एसएस सेंगर ने डीन, डायरेक्टर व शिक्षकों की क्लास ली। उन्होंने आंदोलनकारियों पर अनुशासन का डंडा चलाने की चेतावनी दी। कुलसचिव जीके निमार्म ने भी उन्हें सर्कुलर भेजकर लिखित में स्पष्टीकरण मांगा। इससे विवि का माहौल और गरमा गया है।

कुलसिचव ने राजभवन व विवि के प्रशासनिक भवन के सामने हुए घटनाक्रम पर संचालक अनुसंधान सेवाएं, निदेशक विस्तार सेवाएं, निदेशक शिक्षण, निदेशक प्रक्षेत्र, डीन कृषि कालेज, डीन अभियांत्रिकी कालेज व खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय और सभी विभागाध्यक्षों से हड़ताली शिक्षकों, वैज्ञानिकों व कर्मचारियों की सूची मांगी है।

कुलसचिव का मानना है कि ये सब अपने कार्यालय या विभाग से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित होकर धरने - प्रदर्शन में शामिल हुए। इससे विवि की छवि धूमिल हुई और गरिमा को भी ठेस पहुंची। कुलसचिव ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए सभी अफसरों से सूची मांगी। बताया गया कि कुलपति के अनुमोदन के बाद यह कदम उठाया जा रहा है। इसकी जानकारी राज्यपाल अनुसूइया उइके व कुलपति को भी दी जा रही है।

लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा - शिक्षक संघ
इधर, टेक्नीकल स्टाफ एसोसिएशन, सेंट्रल यूनिट ने ने कुलसचिव को जवाब दिया है कि वे राजभवन राज्यपाल से मिलने गए थे। अध्यक्ष डॉ. वीएन मिश्रा व महासचिव डॉ. पीके संगोड़े ने कहा कि राजभवन शिक्षक प्रदर्शन करने नहीं गए थे। प्रशासनिक भवन के सामने भी कोई प्रदर्शन नहीं किया गया।

आमसभा में निर्णय के बाद कार्यक्रम तय हुआ। इसी वजह से शिक्षक संघ के नेतृत्व में गए थे। इसकी अनुमति कुलसचिव के सहायक से फोन पर ले ली गई थी। संघ ने बगैर पूर्व अनुमति, सूचना, कार्यालय में अनुपस्थित एवं अनुशासनहीनता जैसे शब्दों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि संघ अपने सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए संकल्पित है।