स्वामी आत्मानंद स्कूल में महिला शिक्षिका से छेड़छाड़ का आरोप, प्रभारी प्राचार्य पर शिकायत दबाने का दावा
शिकायत के करीब एक माह बाद भी जांच समिति गठित नहीं होने का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग तेज
डोंगरगढ़/लाल बहादुर नगर। राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड अंतर्गत लाल बहादुर नगर स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में महिला शिक्षिका के साथ कथित छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। इस मामले में प्रभारी प्राचार्य पर शिकायत को गंभीरता से नहीं लेने और उसे दबाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत सौंपे जाने के करीब एक माह बाद भी जांच समिति गठित नहीं होने के दावे ने विद्यालय में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच अधिकारियों को सौंपा गया था तीन पृष्ठों का शिकायत पत्र
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 21 सितंबर 2026 को डोंगरगढ़ के सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी नितिन हिरवानी तथा बोरतलाव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्य वंदना चौरे किसी अन्य मामले की जांच के सिलसिले में स्वामी आत्मानंद स्कूल, लाल बहादुर नगर पहुंचे थे। इसी दौरान विद्यालय की एक महिला शिक्षिका, जिनकी पहचान गोपनीय रखने के लिए नाम परिवर्तित किया गया है, ने साथी शिक्षक के विरुद्ध कथित छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार की शिकायत करते हुए तीन पृष्ठों का आवेदन जांच अधिकारियों को सौंपा था।
प्रभारी प्राचार्य की भूमिका पर भी उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, महिला शिक्षिका ने घटना की जानकारी विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य को भी दी थी। आरोप है कि शिकायत को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने और नियमानुसार कार्रवाई कराने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। शिकायत के बाद अब तक जांच समिति गठित नहीं होने की बात सामने आने से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
प्राचार्य ने जताई अनभिज्ञता, बीईओ ने दिया जांच समिति गठित करने का आश्वासन
मामले के संबंध में विद्यालय के प्राचार्य कांशी राम चंद्रवंशी से संपर्क किए जाने पर उन्होंने प्रकरण की जानकारी नहीं होने की बात कही। वहीं, डोंगरगढ़ के विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीनिवास मिश्रा ने मामले में शीघ्र जांच समिति गठित करने का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में कब तक जांच शुरू कराता है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की सच्चाई सामने लाने के लिए क्या कदम उठाता है।
कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी
कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध और निवारण के लिए कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013 लागू है। इस कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शिकायतों का निराकरण और आवश्यक जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए।
ऐसे में शिक्षा विभाग से मांग की जा रही है कि महिला शिक्षिका की शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच के दौरान संबंधित शिक्षक पर लगाए गए आरोपों के साथ-साथ शिकायत के निस्तारण में प्रभारी प्राचार्य की भूमिका की भी पड़ताल की जानी चाहिए। यदि जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब निगाहें शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर
शिक्षण संस्थानों में महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करना विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में शिकायतों को लंबित रखने के बजाय समयबद्ध और निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि शिकायतकर्ता को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।