दुर्ग। दुर्ग जिला न्यायालय ने चैतन साहू हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को दोषी ठहराया है। प्रथम अपर सत्र न्यायालय, दुर्ग ने 14 अक्टूबर 2026 को मामले में सजा सुनाई। न्यायालयीन दस्तावेजों के अनुसार, आरोपियों को हत्या सहित विभिन्न धाराओं में कारावास और अर्थदंड से दंडित किया गया है।
मामला थाना सुपेला के अपराध क्रमांक 437/2024 से संबंधित है। 29 दिसंबर 2024 की रात करीब 8:30 बजे दुर्ग के सिविल लाइन स्थित आयुष्मान हॉस्पिटल के पास चैतन साहू के साथ मारपीट की घटना हुई थी, जिसमें उसकी मृत्यु हो गई थी। मामले में पुलिस ने अपराध दर्ज कर विवेचना की और साक्ष्य जुटाकर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया।
इन आरोपियों को ठहराया गया दोषी
मामले में रोशनी उर्फ रोशलीन लकड़ा (19 वर्ष), कुलेश्वर साहू (19 वर्ष) और आकाश देशलहरा (19 वर्ष) को आरोपी बनाया गया था। न्यायालयीन अभिलेख में संबंधित आरोपियों के विरुद्ध दोषसिद्धि और सजा का उल्लेख है।
आजीवन कारावास सहित विभिन्न सजाएं
उपलब्ध सजा वारंट के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1)/190 और धारा 61(2) के तहत आजीवन कारावास एवं 500-500 रुपये अर्थदंड का उल्लेख है। वहीं धारा 191(2) के तहत 2 वर्ष, धारा 191(3) के तहत 3 वर्ष और धारा 118(1) के तहत 3 वर्ष के कारावास के साथ अर्थदंड की सजा दी गई है। न्यायालय ने सजाएं साथ-साथ चलाने और न्यायिक अभिरक्षा में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश भी दिया है।
पुलिस विवेचना और अभियोजन की पैरवी
प्रकरण की विवेचना निरीक्षक केशव राम कोसले ने की। वहीं सहायक जिला लोक अभियोजक संजय शुक्ल ने न्यायालय में पैरवी की। दुर्ग पुलिस के अनुसार, मामले में साक्ष्यों के संकलन, उनकी प्रस्तुति और प्रभावी न्यायालयीन पैरवी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संबंधित पुलिस अधिकारी और अभियोजन पक्ष के योगदान की सराहना की है।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें और हिंसा या आपराधिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।