रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने राज्य सरकार और विद्युत कंपनी पर बिजली बिल के मुद्दे को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली सस्ती होने का दावा प्रदेश की जनता के साथ मजाक है, जबकि पिछले कुछ महीनों में उपभोक्ताओं के बिजली बिल लगातार बढ़े हैं।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद बिजली दरों में कई बार बढ़ोतरी की गई है और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना भी बंद कर दी गई। उनका दावा है कि इससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि हाल के महीनों में बिजली बिल तीन से चार गुना तक बढ़कर आ रहे हैं। पार्टी का कहना है कि स्मार्ट मीटरों की रीडिंग, अनुबंध भार (लोड) में कथित वृद्धि और बिजली दरों में बढ़ोतरी के कारण उपभोक्ताओं को अधिक बिल मिल रहे हैं।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि बिना उपभोक्ताओं की सहमति के कई मामलों में अनुबंध भार बढ़ाया जा रहा है, जिसके आधार पर अतिरिक्त शुल्क और अर्थदंड भी वसूला जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की है कि घरेलू और अन्य श्रेणियों की बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लिया जाए, 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना फिर से लागू की जाए तथा लगाए गए स्मार्ट मीटरों को हटाया जाए।
यह बयान छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर है। इस संबंध में राज्य सरकार या छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी की प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।