दुर्ग। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में संचालित "Mediation for the Nation 3.0" अभियान तथा आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के उद्देश्य से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग के सभागार में जिले के सभी मीडियेटर अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के अध्यक्ष श्री के. विनोद कुजूर ने की। बैठक में मीडियेटर अधिवक्ताओं ने मध्यस्थता के माध्यम से अधिकाधिक मामलों के सौहार्दपूर्ण निराकरण, न्यायालयों से अधिक मामलों के रेफरल तथा आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में मध्यस्थता केन्द्र प्रभारी न्यायाधीश श्री अनिष दुबे, स्थायी एवं निरंतर लोक अदालत की अध्यक्षा श्रीमती सुषमा लकड़ा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री भूपेश कुमार बसंत तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री उमेश कुमार भागवतकर भी उपस्थित रहे।
मध्यस्थता से बढ़ेगा संवाद और आपसी विश्वास
बैठक को संबोधित करते हुए श्री के. विनोद कुजूर ने कहा कि "Mediation for the Nation 3.0" अभियान का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाना है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल लंबित मामलों की संख्या कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में संवाद, विश्वास, सहयोग और स्थायी शांति की संस्कृति को भी मजबूत करने का प्रयास है।
अधिवक्ताओं से निष्पक्ष और संवेदनशील भूमिका निभाने की अपील
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने मीडियेटर अधिवक्ताओं से अपेक्षा की कि वे प्रत्येक प्रकरण में निष्पक्षता, संवेदनशीलता, धैर्य और व्यावसायिक दक्षता के साथ मध्यस्थता की प्रक्रिया संचालित करें। साथ ही पक्षकारों के बीच विश्वास का माहौल बनाकर अधिकाधिक मामलों का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास करें।
राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों पर भी हुई चर्चा
बैठक में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए अधिक से अधिक समझौतायोग्य मामलों के निराकरण पर भी जोर दिया गया, ताकि पक्षकारों को त्वरित, सरल और कम खर्चीला न्याय उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक के दौरान मीडियेटर अधिवक्ताओं ने मध्यस्थता प्रक्रिया में आने वाली विभिन्न व्यवहारिक चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की और उनके समाधान को लेकर सुझाव साझा किए।