दुर्ग। सड़क सुरक्षा के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए दुर्ग यातायात पुलिस ने जिले में पहली बार शराब के नशे में सार्वजनिक यात्री बस चलाने वाले चालक को जेल की सजा दिलाई है। माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, दुर्ग ने आरोपी चालक को मोटरयान अधिनियम की धारा 185 एवं 184 के तहत दोषी ठहराते हुए ₹15,000 के अर्थदंड के साथ 3 दिन के साधारण कारावास की सजा सुनाई।
यातायात पुलिस द्वारा विशेष वाहन चेकिंग अभियान के दौरान गुरुनानक ट्रेवल्स की राजनांदगांव–दुर्ग–भिलाई मार्ग पर संचालित यात्री बस को रोका गया। जांच में चालक जितेन्द्र देवांगन शराब के नशे में बस चलाते हुए पाया गया। उस समय बस में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे, जिससे यात्रियों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की जान खतरे में पड़ सकती थी।
पुलिस ने चालक का ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट कराया, जिसमें शराब पीकर वाहन चलाने की पुष्टि हुई। इसके बाद आरोपी के खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 185 और 184 के तहत कार्रवाई कर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध करते हुए ₹15 हजार का जुर्माना और 3 दिन के साधारण कारावास की सजा सुनाई। दुर्ग पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई सार्वजनिक परिवहन चालकों के लिए कड़ा संदेश है कि नशे की हालत में वाहन चलाकर लोगों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई में यातायात पुलिस दुर्ग के उप निरीक्षक भीखम की विशेष भूमिका रही। उन्होंने सतर्कता दिखाते हुए चालक को पकड़ा, आवश्यक साक्ष्य जुटाए और प्रभावी ढंग से न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को सजा मिली।
दुर्ग पुलिस ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में शराब या अन्य नशे की हालत में वाहन न चलाएं। पुलिस ने कहा कि सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और यातायात नियमों का पालन ही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।