युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम: NTA परीक्षा सुधार के लिए हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन, CM विष्णुदेव साय ने केंद्र का जताया आभार
रायपुर। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया है। इस महत्वपूर्ण निर्णय का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वागत करते हुए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य और उनके हितों को लेकर पूरी तरह गंभीर है तथा परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
केंद्र सरकार ने युवाओं की चिंता की है – CM विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि केंद्र सरकार ने युवाओं की चिंता करते हुए परीक्षा प्रणाली में सुधार का बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कठोर कानून बनाए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो और विद्यार्थियों का परीक्षाओं पर विश्वास बना रहे।
उन्होंने कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली ही देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है, इसलिए केंद्र सरकार इस दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है।
PM नरेंद्र मोदी ने की थी टास्क फोर्स गठन की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई को घोषणा की थी कि NTA की परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए एक मल्टीडिसिप्लिनरी हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इस टास्क फोर्स की अध्यक्षता देश के प्रसिद्ध टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि करेंगे।
देश के शीर्ष विशेषज्ञ होंगे टास्क फोर्स का हिस्सा
इस उच्च स्तरीय टास्क फोर्स में तकनीक, शिक्षा, सुरक्षा, अंतरिक्ष और लॉजिस्टिक्स जैसे विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से—
- नंदन नीलेकणि – अध्यक्ष एवं टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ
- एस. सोमनाथ – पूर्व चेयरमैन, ISRO
- तपन डेका – पूर्व निदेशक, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB)
- प्रो. वी. कामकोटी – निदेशक, IIT मद्रास
- अनीता करवाल – पूर्व शिक्षा सचिव
- अमृत लाल मीणा – लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ
जैसे अनुभवी विशेषज्ञ शामिल हैं, जो परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए अपने सुझाव देंगे।
क्या होगा टास्क फोर्स का उद्देश्य?
हाई पावर्ड टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से मजबूत, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव देगी। इसका मुख्य उद्देश्य—
- पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना।
- परीक्षा प्रक्रिया को तकनीक आधारित और सुरक्षित बनाना।
- छात्रों के बीच परीक्षाओं की विश्वसनीयता और भरोसा बढ़ाना।
- संरचनात्मक सुधारों के माध्यम से परीक्षा प्रणाली को मजबूत करना।
रिपोर्ट के आधार पर होंगे बड़े सुधार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि टास्क फोर्स की रिपोर्ट मिलने के बाद परीक्षाओं की क्रेडिबिलिटी, पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम जल्द उठाए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य देशभर के छात्रों को निष्पक्ष, सुरक्षित और भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
जिला पंचायत सीईओ की दो दिवसीय बैठक पर भी बोले CM साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित जिला पंचायत सीईओ की दो दिवसीय बैठक का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बैठक में गांवों के समग्र विकास, अधोसंरचना को मजबूत बनाने तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व आईएएस एवं भारत सरकार के पूर्व सचिव अमरजीत सिन्हा तथा पद्मश्री पोपट राव पवार ने अधिकारियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि दोनों विशेषज्ञों का अनुभव ग्रामीण विकास और सुशासन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।