छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग :- शिक्षा विभाग आखिर कब जगेगा? काम पूरा अधिकार अधूरा क्या यही छत्तीसगढ़ शासन का न्याय है ?

त्वरित खबरें :- अमित यादव रिपोर्टिंग...

छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग :- छत्तीसगढ़ के राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) कल्याण संघ ने स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण, संविलियन/समायोजन, "समान कार्य समान वेतन" के तहत व्याख्याता पद का मूल वेतनमान, ग्रीष्मकालीन अवधि का मानदेय तथा शासकीय कर्मचारियों के समान अवकाश की मांग को लेकर राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा है।

संघ का कहना है कि वर्ष 2015-16 से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत विद्यामितान शिक्षक व्याख्याता के स्वीकृत रिक्त पदों पर नियमित शिक्षकों के समान जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। इनमें कक्षा शिक्षण, बोर्ड परीक्षाओं में पर्यवेक्षण एवं मूल्यांकन, निर्वाचन कार्य, एनएसएस, आईसीटी प्रशिक्षण सहित विभिन्न शासकीय दायित्व शामिल हैं। संघ का दावा है कि सभी कार्यरत अतिथि शिक्षक एनसीटीई (NCTE) के निर्धारित मानकों एवं राज्य शासन की आवश्यक शैक्षणिक योग्यताओं को पूरा करते हैं।

विद्यामितान कल्याण संघ ने सरकार से मांग की है कि लंबे समय से सेवा दे रहे अतिथि शिक्षकों का जल्द से जल्द संविलियन अथवा समायोजन किया जाए। साथ ही "समान कार्य, समान वेतन" के सिद्धांत के तहत व्याख्याता पद का मूल वेतनमान, ग्रीष्मकालीन अवकाश का मानदेय तथा शासकीय कर्मचारियों के समान आकस्मिक, अर्जित, मातृत्व, पितृत्व एवं चिकित्सा अवकाश की सुविधा भी प्रदान की जाए।

संघ का कहना है कि वर्षों से नियमित शिक्षकों के समान कार्य करने के बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान सुविधाएं और अधिकार नहीं मिल रहे हैं। अब उन्होंने राज्य सरकार से इस विषय में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर न्याय देने की अपील की है।