शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी: फरार आरोपी योगेश साहू गिरफ्तार

त्वरित खबरें :अमित रिपोर्टिंग

भिलाई। शेयर ट्रेडिंग में निवेश पर मोटा मुनाफा और रकम दोगुनी करने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे ऐरिना कैपीटल के संचालक को दुर्ग पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 961/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(4) और 61(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में फरार आरोपी योगेश साहू (35 वर्ष) निवासी ग्राम खम्हरिया, थाना पाटन, हाल पता पामवुड रेसिडेंसी, कातुलबोर्ड, मोहन नगर, जिला दुर्ग को गिरफ्तार किया गया।

मामले की शुरुआत 8 जुलाई 2026 को हुई, जब मैत्री विहार, राधिका नगर, सुपेला निवासी राजू नामदेव ने थाना सुपेला में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि ऐरिना कैपीटल के संचालक और उसके सहयोगियों ने शेयर ट्रेडिंग में निवेश कराने, अधिक मुनाफा दिलाने और निवेश की गई राशि दोगुनी करने का झांसा देकर उनसे 15 लाख रुपये निवेश कराए। शुरुआत में विश्वास कायम रखने के लिए कुछ लाभ राशि लौटाई गई, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी और उसके सहयोगियों ने इसी तरह कई अन्य निवेशकों से भी करोड़ों रुपये की ठगी की है। विभिन्न शिकायतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ थाना सुपेला और चौकी स्मृति नगर में पहले से भी कई धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने फरार आरोपी योगेश साहू को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक आरोपी निवेशकों को शेयर ट्रेडिंग में अधिक लाभ और रकम दोगुनी होने का झूठा प्रलोभन देकर उनसे बड़ी रकम निवेश करवाता था। मामले की विवेचना अभी जारी है और इस गिरफ्तारी के दौरान कोई अलग से जब्ती नहीं की गई।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सुपेला अंबर भारद्वाज, उप निरीक्षक धनेश्वर साहू, प्रधान आरक्षक प्रकाश चंद्र तिवारी, प्रधान आरक्षक अमर सिंह और आरक्षक प्रदीप सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले संस्था की वैधानिकता और अधिकृत पंजीयन की जांच अवश्य करें। अधिक मुनाफा या रकम दोगुनी करने जैसे प्रलोभनों से बचें और किसी भी वित्तीय धोखाधड़ी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।