सड़क सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस का बड़ा अभियान, अवैध सवारी परिवहन पर शिकंजा

त्वरित खबरे : सौरभ

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुचारु और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से दुर्ग यातायात पुलिस द्वारा जिलेभर में व्यापक और सघन अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत विशेष रूप से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट एवं ग्रे स्पॉट पर फिक्स चेकिंग पॉइंट स्थापित कर लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

पुलिस अधीक्षक (यातायात) के निर्देशानुसार यह अभियान न केवल नियम उल्लंघन पर कार्रवाई तक सीमित है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सड़क सुरक्षा को व्यवहारिक रूप से लागू करना भी है। इसी क्रम में शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालकों की सघन जांच की जा रही है।

अभियान के दौरान हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पुलिस द्वारा वाहन चालकों को समझाइश दी जा रही है कि हेलमेट एवं सीट बेल्ट केवल कानूनी बाध्यता नहीं बल्कि जीवन सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण साधन हैं। इसके साथ ही यातायात पुलिस द्वारा लोगों को यह भी बताया जा रहा है कि सड़क दुर्घटनाओं में अधिकांश गंभीर चोटें और मृत्यु हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग न करने के कारण होती हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट एवं ग्रे स्पॉट क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। इन स्थानों पर प्रतिदिन प्रातः 06:00 बजे से फिक्स चेकिंग पॉइंट स्थापित किए जा रहे हैं, जहां यातायात पुलिस की टीम लगातार वाहनों की जांच कर रही है। इस दौरान दोपहिया, चारपहिया एवं मालवाहक वाहनों की बारीकी से जांच की जाती है, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियम उल्लंघन को रोका जा सके।

इस अभियान के अंतर्गत मालवाहक वाहनों में अवैध रूप से सवारी परिवहन करने की प्रवृत्ति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कई बार देखा गया है कि चालक आर्थिक लाभ के लिए मालवाहक वाहनों में यात्रियों को बैठा लेते हैं, जो कि अत्यंत खतरनाक है और गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस द्वारा ऐसे वाहन चालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

विगत एक सप्ताह के दौरान यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा कुल 74 मालवाहक वाहनों पर कार्रवाई की गई है, जो अवैध रूप से सवारी परिवहन करते पाए गए थे। इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करना है, बल्कि आम नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा को प्राथमिकता देना भी है।

इसके अतिरिक्त, यातायात पुलिस द्वारा शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। इसके लिए ब्रेथ एनालाइजर मशीन का उपयोग किया जा रहा है, जिससे संदिग्ध वाहन चालकों की मौके पर ही जांच की जाती है। जांच में शराब सेवन कर वाहन चलाते पाए जाने वाले चालकों के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उनके लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि नशे की हालत में वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यातायात पुलिस द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि अभियान केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि जनजागरूकता का माध्यम भी बने। इसके लिए पुलिस टीम द्वारा वाहन चालकों एवं आम नागरिकों को यातायात नियमों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। उन्हें बताया जा रहा है कि नियमों का पालन करना न केवल स्वयं की सुरक्षा बल्कि दूसरों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है।

इस पूरे अभियान के सफल संचालन में यातायात पुलिस दुर्ग के अधिकारी एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनकी सतत निगरानी, नियमित चेकिंग एवं सक्रिय भागीदारी के कारण यह अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। पुलिस टीम द्वारा विभिन्न स्थानों पर समन्वय के साथ कार्य करते हुए सड़क सुरक्षा को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

दुर्ग यातायात पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पूर्ण रूप से पालन करें। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट जरूर लगाएं, और कभी भी नशे की हालत में वाहन न चलाएं। इसके साथ ही मालवाहक वाहनों में सवारी परिवहन से बचने की भी सलाह दी गई है, क्योंकि यह जीवन के लिए अत्यंत जोखिमपूर्ण है।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा को लेकर यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और नागरिकों के लिए सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है।