धमतरी में कृषि की नई उड़ान: PACS के जरिए किसानों को मिलेगी ड्रोन स्प्रेयर सुविधा

tvarit khabren : zafran khan reporting

धमतरी    जिले के किसानों के लिए कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और आधुनिक पहल की शुरुआत होने जा रही है, जो खेती-किसानी के तौर-तरीकों में बड़ा बदलाव ला सकती है। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) के माध्यम से किसानों को ड्रोन स्प्रेयर की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इस पहल का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना, खेती की लागत कम करना और उत्पादन क्षमता में वृद्धि करना है। वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र तेजी से तकनीकी बदलावों के दौर से गुजर रहा है और ड्रोन तकनीक को खेती के लिए एक प्रभावी साधन के रूप में देखा जा रहा है। धमतरी जिले में इस सुविधा के शुरू होने से किसानों को खेती के कई कार्यों में सुविधा मिलेगी और कृषि कार्य अधिक वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित तरीके से किए जा सकेंगे।

ड्रोन स्प्रेयर की मदद से फसलों पर कीटनाशकों, खरपतवारनाशकों, उर्वरकों तथा सूक्ष्म पोषक तत्वों का छिड़काव बेहद कम समय में और अधिक सटीकता के साथ किया जा सकेगा। पारंपरिक तरीके से छिड़काव करने में जहां अधिक समय, श्रम और संसाधनों की आवश्यकता होती है, वहीं ड्रोन तकनीक कुछ ही घंटों में बड़े क्षेत्र को कवर कर सकती है। इससे किसानों की श्रम लागत में कमी आएगी और खेती के कार्यों को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। विशेष रूप से उन परिस्थितियों में, जब खेतों में पानी भरा हो या फसलें अधिक ऊंची हो गई हों, तब ड्रोन का उपयोग काफी लाभदायक साबित होगा।

इस तकनीक का एक बड़ा लाभ यह भी है कि इससे रसायनों का छिड़काव समान रूप से होता है, जिससे फसलों को बेहतर सुरक्षा मिलती है और उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार होता है। साथ ही, रसायनों की बर्बादी भी कम होती है, जिससे किसानों का खर्च घटता है और पर्यावरण पर पड़ने वाला नकारात्मक प्रभाव भी कम होता है। ड्रोन के उपयोग से किसानों को कीटनाशकों के सीधे संपर्क में आने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। अक्सर पारंपरिक छिड़काव के दौरान किसान हानिकारक रसायनों के संपर्क में आ जाते हैं, जिससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ड्रोन तकनीक इस जोखिम को काफी हद तक कम कर देती है।

PACS के माध्यम से यह सुविधा उपलब्ध कराए जाने का सबसे बड़ा फायदा छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा। अधिकांश किसान व्यक्तिगत रूप से ड्रोन खरीदने में सक्षम नहीं होते, क्योंकि इसकी लागत अपेक्षाकृत अधिक होती है। लेकिन सहकारी समितियों के जरिए सामूहिक उपयोग की व्यवस्था होने से किसान कम खर्च में इस आधुनिक तकनीक का लाभ उठा सकेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी और किसान नई कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन आधारित सेवाएं भविष्य की खेती का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रही हैं। सरकार भी डिजिटल और स्मार्ट कृषि को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को आधुनिक उपकरणों से जोड़ रही है। धमतरी में PACS के जरिए ड्रोन स्प्रेयर सुविधा शुरू होना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि खेती को अधिक आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आने वाले समय में इस तकनीक के व्यापक उपयोग से धमतरी जिले की कृषि व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं और किसान आधुनिक खेती की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं।