9 सहायक प्रध्यापकों की पदोन्नति, 8 का किया गया तबादला

त्वरित ख़बरें -चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज को 7 नए एसोसिएट प्रोफेसर मिले

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 9 असिस्टेंट प्रोफेसरों को पदोन्नति देकर एसोसिएट प्रोफेसर बना दिया है। पदोन्नति के बाद इनमें से 8 को दूसरे कॉलेजों में भेजा जा रहा है। इनमें से सात को दुर्ग के चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज में जॉइन करना है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मंगलवार को पदोन्नति और तबादले का आदेश जारी कर दिया।

आदेश के मुताबिक कोरबा मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग की डॉ. सुषमा रामटेके को चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज, दुर्ग भेजा गया है। रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में माइक्रोबायोलॉजी की असिस्टेंट प्रोफेसर रहीं डॉ. अनुभा पटेल अब दुर्ग के चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर होंगी। दुर्ग मेडिकल कॉलेज के पीएसएम विभाग में रहे डॉ. आशीष बघेल पदोन्नति के बाद भी वहीं रहेंगे। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में फार्माकोलॉजी विभाग में रहीं डॉ. कविता, महासमुंद मेडिकल कॉलेज में पैथोलॉजी की असिस्टेंट प्रोफेसर रहीं डॉ. नित्या ठाकुर, कोरबा मेडिकल कॉलेज में सर्जरी के असिस्टेंट प्रोफेसर रहे महेंद्र धुवारे और कांकेर मेडिकल कॉलेज में अ्रस्थि रोग विभाग में असिस्टेंट रहे डॉ. सुभाष रावटे को पदोन्नति के बाद दुर्ग के शासकीय मेडिकल कॉलेज में पदस्थ किया गया है।

दो डॉक्टरों को राजनांदगांव और कोरबा भेजा

पदोन्नति के बाद केवल दो एसोसिएट प्रोफेसर को राजनांदगांव और कोरबा भेजा गया है। इसमें कांकेर मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के डॉ. अक्षय कुमार रामटेके को प्रशासनिक आधार पर राजनांदगांव भेजा गया है। वहीं कांकेर मेडिकल कॉलेज के ही कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग में रहे डॉ. सुमित ध्रुव को स्वयं के व्यय पर कोरबा मेडिकल कॉलेज में पदस्थापना दी गई है।

दुर्ग के निजी मेडिकल कॉलेज को बनाया है सरकार

दुर्ग के चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज को सरकार ने पिछले साल की अधिग्रहित किया है। प्रदेश में ऐसा पहली बार हुआ है जब सरकार ने किसी निजी मेडिकल कॉलेज को अधिग्रहीत कर सरकारी बना लिया। इसका संचालन और मान्यता सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। बताया जा रहा है, मेडिकल काउंसिल के मानकों को पूरा करने के लिए वहां दूसरे कॉलेजों से प्राध्यापक भेजे जा रहे हैं।