भिलाई, 10 मई 2026। छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर स्थित सेक्टर-7 के पीस ऑडिटोरियम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा मदर्स डे का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास, उमंग और आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारी बहनों, भाईयों एवं श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे सभागार में मातृत्व, प्रेम, सेवा और संस्कारों की अनूठी छटा देखने को मिली। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन राजयोग सत्र से हुई, जिसमें उपस्थित लोगों ने ध्यान और योग के माध्यम से आत्मिक शांति का अनुभव किया। इसके पश्चात ब्रह्माकुमारी दीदियों ने परमात्म प्रेम और निस्वार्थ पालन की प्रतीक राजयोगिनी आशा दीदी जी के प्रति अपने स्नेह और सम्मान को पुष्प अर्पित कर व्यक्त किया। इस अवसर पर वातावरण भावनात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी आशा दीदी जी ने अपने प्रेरणादायी आशीर्वचन में कहा कि मां केवल जन्म देने वाली नहीं होती, बल्कि वह जीवन की पहली गुरु, सखा और शिक्षक होती है। मां अपने बच्चों को जीवन के हर मोड़ पर सही दिशा देने का कार्य करती है। कभी-कभी वह डांटती भी है, लेकिन उसकी हर शिक्षा और हर शब्द के पीछे बच्चों का कल्याण ही छिपा होता है। उन्होंने कहा कि मां की निस्वार्थ शिक्षाओं और संस्कारों को यदि जीवन में धारण किया जाए तो व्यक्ति का जीवन सफल और श्रेष्ठ बन सकता है। जीवन केवल कुछ घंटों या वर्षों का नहीं, बल्कि यह सदा काल तक चलने वाली यात्रा है, इसलिए हमें अपने कर्मों और संस्कारों को श्रेष्ठ बनाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि यदि हमारे परिवार या समाज में कोई व्यक्ति दुखी, निराश या पुराने नकारात्मक संस्कारों से प्रभावित है, तो उसे प्रेम, सहयोग और उत्साह देना भी एक महान सेवा है। किसी को मानसिक सहारा देना, स्नेह देना और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करना भी पुण्य का कार्य होता है। यही सच्ची मानव सेवा है। आशा दीदी जी ने प्रकृति और धरती मां के संरक्षण पर भी जोर देते हुए कहा कि प्रकृति के पांचों तत्वों की पालना करना हमारी जिम्मेदारी है। हमें शांति, सकारात्मकता और अच्छे विचारों की किरणें समाज में फैलानी चाहिए ताकि हर व्यक्ति के जीवन में श्रेष्ठ मूल्य और संस्कार विकसित हो सकें।
उन्होंने कहा कि सच्चा सेवाधारी वही होता है जो गिरे हुए व्यक्ति को उठाने का प्रयास करे, उसे सहयोग दे और उसके जीवन में आशा की नई रोशनी जगाए। निस्वार्थ मातृत्व भाव ही मानवता की सबसे बड़ी शक्ति है और हर व्यक्ति को अपने जीवन में इसी प्रेम और सेवा के भाव को अपनाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान डिवाइन ग्रुप के बच्चों ने सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत गीत, नृत्य और प्रेरणादायक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया। पूरे आयोजन में आध्यात्मिकता, प्रेम, सेवा और मातृत्व के दिव्य संदेश की अनुभूति स्पष्ट रूप से देखने को मिली।