छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पश्चिम बंगाल की सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार में हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि यह लालू प्रसाद यादव के कथित ‘जंगल राज’ से भी आगे निकल गए हैं। मुख्यमंत्री साय का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है और इसे लेकर सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री साय ने अपने बयान में कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और सरकार इन पर नियंत्रण पाने में विफल साबित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून का राज होना चाहिए, लेकिन बंगाल में इसके विपरीत हालात नजर आ रहे हैं। साय ने ममता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब शासन कमजोर हो जाता है, तो अपराधियों के हौसले बुलंद हो जाते हैं और यही स्थिति आज पश्चिम बंगाल में देखने को मिल रही है। उन्होंने विपक्षी दलों और आम नागरिकों के साथ हो रहे कथित अत्याचारों का भी जिक्र किया और कहा कि ऐसी स्थिति किसी भी लोकतांत्रिक राज्य के लिए ठीक नहीं मानी जा सकती। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार को चाहिए कि वह कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सख्त कदम उठाए और जनता में विश्वास बहाल करे। उन्होंने केंद्र और अन्य राज्यों के उदाहरण देते हुए कहा कि यदि इच्छाशक्ति हो तो कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है। कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह बयान केवल एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था को लेकर उठाए गए गंभीर सवालों का संकेत भी माना जा रहा है, जो आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर पर भी बहस का मुद्दा बन सकता है।