समग्र शिक्षा ( माध्यमिक) जिला परियोजना कार्यालय राजनांदगांव के तत्वाधान में एक दिवसीय समावेशी शिक्षा पर प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का आयोजन बीआरसी कार्यालय राजनांदगांव में संपन्न हुआ। इस कार्यशाला में एपीसी विश्वकर्मा सर एवं विकासखंड स्रोत समन्वयक के अधिकारी गण, विभिन्न ब्लॉक राजनांदगांव , डोंगरगढ़, डोंगरगांव, छुरिया आदि से उपस्थित प्राचार्य गण, व्याख्याता गण, पालक गण एवं छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही ।
सर्वप्रथम कार्यक्रम का शुभारंभ सभी उपस्थित बीआरसी के अधिकारी, प्राचार्य , व्याख्याता, पालक द्वारा मां सरस्वती की पूजा अर्चना से प्रारंभ हुआ । तत्पश्चातएपीसी विश्वकर्मा जी ने समावेशी शिक्षा पर सबको संबोधित किए। इसी कड़ी में प्रोफेसर मेश्राम सर ने दिव्यांगता के प्रकारों एवं उनके जीवन को बेहतर बनाने के उपायों के बारे में जानकारी दिए । डोंगरगांव ब्लॉक से उपस्थित व्याख्याता थंगेश्वर कुमार साहू ने समावेशी शिक्षा पर कविता पाठ के माध्यम से प्रकाश डालते हुए बताया कि इस समावेशी शिक्षा का आशय सभी सामान्य शालाओं में सामान्य बच्चों के साथ विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की अध्ययन व्यवस्था को बेहतर बनाना है। साथ ही इस योजना का मूल्य उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का विद्यालय परिवेश में बिना किसी भेदभाव के समावेशन करना है क्योंकि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मूल अधिकार है।अतः संवैधानिक प्रतिबद्धता हेतु दिव्यांग बच्चों की शिक्षा भी आवश्यक एवं अनिवार्य है इस हेतु समावेशी शिक्षा एक बेहतर विकल्प है । तत्पश्चात सभी प्रशिक्षणार्थियों को सीआरसी सेंटर ठाकुर टोला राजनांदगांव विजिट हेतु ले जाया गया ,जहां पर विभिन्न प्रकार के विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का बेहतर इलाज के बारे में प्रत्यक्ष रूप से जानकारी दिया गया। साथ ही पद्मश्री डॉ पुखराज बाफना से मुलाकात करते हुए विभिन्न चिकित्सा संबंधी जानकारी प्राप्त हुआ । इस समावेशी शिक्षा से सभी प्रशिक्षणर्थियों को बहुत अधिक लाभ एवं जानकारी प्राप्त हुआ ।