बिलासपुर - में बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जिले के एक पोल्ट्री फार्म में अचानक बड़ी संख्या में मुर्गियों की मौत होने पर जांच कराई गई, जिसमें बर्ड फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद एहतियात के तौर पर करीब 5 हजार मुर्गियों को नष्ट किया गया, वहीं संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए लगभग 20 हजार अंडों को भी नष्ट कर दिया गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र के 5 किलोमीटर के दायरे को संवेदनशील घोषित कर दिया है। इस इलाके में विशेष निगरानी रखी जा रही है और पशुपालन विभाग की टीमों को लगातार सक्रिय किया गया है। अधिकारियों द्वारा पोल्ट्री फार्मों का निरीक्षण किया जा रहा है और अन्य स्थानों पर भी सैंपलिंग की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, ताकि संक्रमण के किसी भी संभावित फैलाव को समय रहते रोका जा सके।
स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग के संयुक्त प्रयास से पूरे क्षेत्र में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। लोगों को सावधानी बरतने, संक्रमित पक्षियों से दूरी बनाए रखने और किसी भी असामान्य स्थिति की जानकारी तुरंत प्रशासन को देने की अपील की गई है। साथ ही पोल्ट्री कारोबार से जुड़े लोगों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि वे बायो-सिक्योरिटी मानकों का पालन करें और संक्रमण को फैलने से रोकने में सहयोग करें।
बिलासपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद पड़ोसी जिले रायगढ़ में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहां के प्रशासन को सतर्क रहने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरती जा रही है, ताकि किसी भी तरह से संक्रमित पक्षियों या उत्पादों का आवागमन रोका जा सके।
प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है। यदि समय रहते सावधानी बरती जाए, तो इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।